सिधारी क्षेत्र में दो और जीयनपुर की एक बकरी चोरी का खुलासा, तमंचा-कारतूस व 1,560 रुपये बरामद
आजमगढ़। जनपद के थाना सिधारी पुलिस ने रविवार को बकरी चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी की बकरी बेचने से मिले 1,560 रुपये और घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान शाहगढ़ चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी चोरी गिरोह के दो सदस्य बाइक से समेंदा होते हुए शाहगढ़ की ओर आ रहे हैं। सूचना पर इटौरा चौकी प्रभारी रंजन कुमार साव, उपनिरीक्षक बालेन्द्र कुमार यादव समेत पुलिस टीम ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि बाइक को रोकने का इशारा करने पर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया और बाइक गिर गई। चालक कलीम अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला, जबकि बाइक पर पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद दोबारा फायरिंग का प्रयास करने पर आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित फायरिंग में गोली आसिफ के दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी। उसे गिरफ्तार कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आसिफ ने पूछताछ में बताया कि वह कलीम और अन्य साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करता था। आरोपी ने 29 सितंबर को सिधारी के दौलतपुर से दो बकरी, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी और 16 सितंबर को जीयनपुर के बैरियाडिह से तीन बकरी चोरी करने की बात स्वीकार की है। समेंदा से चोरी की गई बकरी बेचने पर उसके हिस्से में आए 1,560 रुपये भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने आसिफ के खिलाफ सिधारी थाने में हत्या के प्रयास, चोरी, चोरी की संपत्ति रखने और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक आसिफ के विरुद्ध पहले से छह मुकदमे दर्ज हैं, जबकि फरार कलीम के खिलाफ 38 अभियोग पंजीकृत हैं। कलीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयास कर रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण कर तमंचा, कारतूस, खोखा, मिसफायर कारतूस, चप्पल और अन्य साक्ष्य सुरक्षित किए। बरामदगी की वीडियोग्राफी भी कराई गई।

