आजमगढ़। जनपद के प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों के देर से पहुंचने की शिकायतें एक बार फिर चर्चा में हैं। शनिवार सुबह करीब नौ बजे मीडिया की टीम पल्हनी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय समेदा पहुंची तो विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। उस समय गेट के बाहर महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोग मौजूद थे, जो विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह के सिलसिले में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के सहयोग के लिए पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह नौ बजे तक विद्यालय का ताला नहीं खुला था और परिसर में कोई शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी सठियांव नवनीत चौबे से संपर्क किया गया। उन्होंने प्रारंभिक जानकारी बाद में देने की बात कही, लेकिन बाद में कई बार संपर्क करने पर उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका हेमलता पाण्डेय ने बताया कि विद्यालय में कुल 10 शिक्षक एवं शिक्षामित्र कार्यरत हैं। हालांकि घटना के समय विद्यालय का गेट बंद था और केवल दो बच्चे ही मौजूद थे। उन्होंने मामले पर अधिक टिप्पणी करने से भी इनकार किया।घटना की जानकारी मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राजीव कुमार पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने कहा कि किसी भी विद्यालय को निर्धारित समय के बाद खोलना स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित विद्यालय के जिम्मेदारों समेत अन्य दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में समय-समय पर निरीक्षण के दौरान भी विद्यालयों में समयपालन संबंधी अनियमितताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में समेदा विद्यालय की यह घटना एक बार फिर सरकारी विद्यालयों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।




