EOW जांच से जुड़े मुकदमे में पुलिस की कार्रवाई, फर्जी अभिलेख तैयार कर शासकीय लाभ लेने का है आरोप
आजमगढ़। जनपद की जीयनपुर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) की जांच से जुड़े मदरसा अनुदान घोटाले के मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी अभिलेख तैयार कर शासकीय अनुदान प्राप्त करने का आरोप है। पुलिस ने उसे जीयनपुर रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मामला मदरसा वीर अब्दुल हमीद शिक्षण संस्थान, मुजार (मदरसा आईडी-191100762) से संबंधित है। जांच में आरोप है कि संस्थान के प्रबंधक ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर शासकीय लाभ प्राप्त किया। इस संबंध में राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (EOW) मुख्यालय लखनऊ के निरीक्षक एवं जांच अधिकारी की तहरीर तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के आदेश के अनुपालन में 10 फरवरी 2025 को थाना जीयनपुर में मुकदमा संख्या 57/2025 धारा 409, 420, 465, 467, 468 एवं 471 भादंवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना उपनिरीक्षक दल प्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान आलीम अली पुत्र हासिम हुसैन, निवासी ग्राम कुर्ती जाफरपुर हुसैनाबाद, थाना कोपागंज, जनपद मऊ के रूप में हुई है। उसे 7 जुलाई 2026 की शाम करीब 6:50 बजे जीयनपुर रोडवेज बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध आजमगढ़ और मुबारकपुर थानों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित चार मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दल प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार तथा कांस्टेबल शिवम तिवारी शामिल रहे।





