आजमगढ़ में अब मिलेगी गैस्ट्रो की उन्नत चिकित्सा सुविधा

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मेडिसिटी हॉस्पिटल और क्लियर मेडी हेल्थकेयर की साझेदारी, हर शनिवार उपलब्ध रहेंगे गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार सिंह
आजमगढ़। पेट एवं पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब जनपदवासियों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। लंबे समय बाद आजमगढ़ को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होने जा रही हैं। बलरामपुर स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में पूर्वांचल के जाने-माने गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार सिंह (एमबीबीएस, डीएनबी, एमसीएच गैस्ट्रो) अब प्रत्येक शनिवार को अपनी सेवाएं देंगे। अब तक पेट, लीवर, आंत और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए मरीजों को वाराणसी, लखनऊ, गोरखपुर या अन्य बड़े शहरों में जाना पड़ता था। मरीजों की इसी समस्या को देखते हुए मेडिसिटी हॉस्पिटल ने क्लियर मेडी हेल्थकेयर (डीएमएच मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल) के साथ एक महत्वपूर्ण सहयोग समझौता किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य आजमगढ़ सहित पूरे पूर्वांचल के मरीजों को उनके क्षेत्र में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब गैस्ट्रो से संबंधित जटिल बीमारियों के मरीजों को बेहतर परामर्श और उपचार के लिए बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां अत्यंत गंभीर विषय हैं। इन बीमारियों में लापरवाही कई बार मरीज के जीवन के लिए खतरा बन सकती है। समय पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श से अनेक गंभीर समस्याओं का सफल उपचार संभव है। मेडिसिटी हॉस्पिटल के निदेशक विपिन सिंह पालीवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अस्पताल का उद्देश्य आजमगढ़ और पूर्वांचल के लोगों को महानगरों जैसी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में अस्पताल आॅथोर्पेडिक्स, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोलॉजी सहित विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की मजबूत टीम तैयार कर रहा है। क्लियर मेडी हेल्थकेयर के प्रतिनिधि सौरभ सिंह तथा फैकल्टी डायरेक्टर अश्वनी कुमार ने कहा कि यह साझेदारी केवल आजमगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के मरीजों के लिए लाभकारी साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्र के लोगों को अब बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही जिले में उपलब्ध हो सकेंगी। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस पहल से जनपद में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी और गंभीर रोगों के इलाज के लिए मरीजों की बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।

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