आजमगढ़ : डॉ. विवेक कुमार सिंह का आईआईआईटी ऊना में असिस्टेंट फिजिकल एजुकेशन आफिसर पद पर चयन

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ग्रामीण परिवेश से निकलकर राष्ट्रीय खेल जगत में बनाई पहचान, खिलाड़ियों को दिला चुके हैं कई उपलब्धियां
आजमगढ़। जनपद के धनछुला गांव निवासी डॉ. विवेक कुमार सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका चयन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना, हिमाचल प्रदेश में असिस्टेंट फिजिकल एजुकेशन आॅफिसर के पद पर हुआ है। इस उपलब्धि से क्षेत्र एवं जनपद में खुशी का माहौल है तथा उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। डॉ. विवेक कुमार सिंह, श्री रुद्र प्रताप सिंह के पुत्र हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश में अपने पैतृक गांव धनछुला से प्रारंभ हुई। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी का रुख किया, जिसे शिक्षा की राजधानी के रूप में जाना जाता है। वहां से उन्होंने शारीरिक शिक्षा विषय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से एम.फिल. एवं पीएचडी की उपाधि अर्जित कर शैक्षणिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित की। शारीरिक शिक्षा एवं खेल प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि और दक्षता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। डॉ. विवेक ने उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय, देहरादून में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इसके उपरांत वर्ष 2010 में केंद्रीय विद्यालय संगठन में कार्यभार ग्रहण किया। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनेक राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रशिक्षक एवं प्रबंधक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त की और संस्थान का नाम रोशन किया। खेलों के प्रति समर्पण, कुशल नेतृत्व क्षमता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उनके कार्यों को देखते हुए उनका चयन आईआईआईटी ऊना, हिमाचल प्रदेश में असिस्टेंट फिजिकल एजुकेशन आॅफिसर के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जनपद आजमगढ़ के लिए गर्व का विषय है। डॉ. विवेक कुमार सिंह की इस सफलता पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, खेल प्रशिक्षकों, सामाजिक संगठनों एवं शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस चयन पर स्थानीय निवासी परसुराम सिंह द्वारा उज्जवल भविष्य की कामना की गई है।

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