डीएम के निर्देश पर जांच में अनियमितता मिली; आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
आजमगढ़। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में दो उचित दर विक्रेताओं द्वारा सरकारी खाद्यान्न और चीनी की कालाबाजारी किए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिला पूर्ति अधिकारी के अनुसार विकास खंड अहिरौला की ग्राम पंचायत भटौली के उचित दर विक्रेता रामप्रीत यादव की दुकान की जांच पूर्ति निरीक्षक अहिरौला द्वारा की गई। जांच में पाया गया कि अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को नि:शुल्क वितरण के लिए आवंटित 20.94 क्विंटल गेहूं तथा 63.51 क्विंटल चावल की कालाबाजारी कर दी गई। मामले में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना अहिरौला में रामप्रीत यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसी प्रकार विकास खंड एवं तहसील मेंहनगर के ग्राम पंचायत पलिया सोफिगंज के उचित दर विक्रेता कल्पनाथ राजभर की दुकान की जांच में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान 16.73 क्विंटल गेहूं, 57.38 क्विंटल चावल तथा 9 किलोग्राम चीनी का स्टॉक अभिलेखों के अनुरूप नहीं मिला। आरोप है कि उक्त खाद्यान्न और चीनी की स्वहित में कालाबाजारी की गई, जो उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण के नियंत्रण का विनियमन) आदेश-2016 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक मेंहनगर द्वारा थाना मेंहनगर में कल्पनाथ राजभर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




