विद्यार्थियों को नारी शक्ति के सम्मान और सामाजिक सद्भाव का संदेश
विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन-रामभवन सिंह, प्रबंधक
आजमगढ़। नीबी, बेलइसा स्थित बीकेएस एजुकेशनल स्कूल में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर उत्साह और भक्तिमय वातावरण में नवरात्रि उत्सव मनाया गया। इस दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मां दुर्गा की आराधना करते हुए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नारी शक्ति के सम्मान, सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। उत्सव के दौरान विद्यालय परिवार ने समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता और सहयोग की भावना को मजबूत बनाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नवरात्र केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अन्याय के विरोध और सकारात्मक सामाजिक बदलाव का संकल्प लेने का अवसर भी है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना के साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों का विकास करना रहा। विद्यालय के प्रबंधक रामभवन सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नवरात्रि हमें नारी शक्ति के सम्मान, अन्याय के विरोध और समाज में प्रेम एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देती है। विद्यार्थियों को बचपन से ही समानता, सहयोग और संवेदनशीलता के मूल्य सिखाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास ऐसे नागरिक तैयार करना है, जो शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी अपनाएं। समाज में हर बेटी सुरक्षित, हर महिला सम्मानित और प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। विद्यालय परिवार ने सभी को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा से सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मकता अपनाने तथा समाज में भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ उनमें भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेंगे।
