आजमगढ़ : प्लॉट दिलाने के नाम पर 68.46 लाख रुपये की ठगी

Youth India Times
By -
0

33.46 लाख रुपये फर्म के खाते में आरटीजीएस से भेजे और 35 लाख रुपये नकद देने के बाद भी नहीं हुआ जमीन का बैनामा

आजमगढ़। लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आजमगढ़ के हीरापट्टी निवासी राना आशीष कुमार सिंह ने चार लोगों पर जमीन का प्लॉट दिलाने का झांसा देकर कुल 68.46 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। कोतवाली क्षेत्र के हीरापट्टी निवासी राना आशीष कुमार सिंह पुत्र राना नागेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, जून 2023 में सुभाष मौर्य उनके घर पहुंचे और लखनऊ में जमीन दिलाने की बात कही। इसके अगले दिन वह सुरेंद्र प्रताप यादव के साथ उनके घर आए। दोनों ने बताया कि वे संतोष कुमार यादव के साथ मिलकर प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम करते हैं। उन्होंने हमसफर मेट्रो सिटी लिमिटेड नामक संस्था का हवाला देते हुए बताया कि इसका कार्यालय लखनऊ में शहीद पथ पर लुलु मॉल के पास है और संतोष कुमार यादव इसके निदेशक हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सुभाष मौर्य और सुरेंद्र प्रताप यादव ने उनकी बात अनिल यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से कराई। अनिल यादव ने कथित तौर पर बताया कि लखनऊ में जमीन से संबंधित काम संतोष कुमार यादव देखते हैं। इसके बाद जून 2023 में शिकायतकर्ता दोनों व्यक्तियों के साथ लखनऊ स्थित कार्यालय पहुंचे, जहां संतोष यादव ने उन्हें कई प्लॉट दिखाए। इनमें ग्राम इचवलिया, परगना मोहनलालगंज, तहसील मोहनलालगंज, जिला लखनऊ स्थित गाटा संख्या 0346 में 0.417 हेक्टेयर भूमि के अंतर्गत 5,000 वर्गफुट का प्लॉट उन्होंने पसंद किया। तहरीर के मुताबिक, प्लॉट की कीमत 14 हजार रुपये प्रति वर्गफुट तय होने की बात कही गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अनिल यादव ने सर्किल रेट के अनुसार 33.46 लाख रुपये भारत इंटरप्राइजेज के खाते में जमा करने और शेष रकम नकद देने को कहा। इसके बाद पांच जुलाई 2023 को शिकायतकर्ता ने आरटीजीएस के माध्यम से बताए गए खाते में 33.46 लाख रुपये भेज दिए। आरोप है कि शेष रकम और रजिस्ट्री संबंधी खर्च के लिए 35 लाख रुपये नकद देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन का बैनामा कराने के लिए जब वह कार्यालय पहुंचे तो संतोष यादव ने अपनी मां के दुर्घटना में घायल होने और उनके ऑपरेशन का हवाला देकर बैनामा बाद में करने की बात कही। शिकायतकर्ता ने तहरीर में आरोप लगाया है कि बाद में अनिल यादव से वीडियो कॉल पर बातचीत हुई, जिसके बाद उन्हें 35 लाख रुपये अनिल यादव के पिता को देने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने बताए गए स्थान पर जाकर 35 लाख रुपये अनिल यादव के पिता को दे दिए। इसके बाद वह बैनामा कराने के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अगले दिन आने को कहा गया। आरोप है कि अगले दिन जब शिकायतकर्ता कार्यालय पहुंचे तो वह बंद मिला और संतोष यादव का मोबाइल फोन भी बंद था। इसके बाद उन्होंने सुभाष मौर्य और सुरेंद्र प्रताप यादव के साथ कई बार लखनऊ जाकर अनिल यादव और संतोष यादव से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों नहीं मिले। इससे उन्हें अपने साथ ठगी होने का संदेह हुआ। राना आशीष कुमार सिंह का आरोप है कि संबंधित लोगों ने अन्य व्यक्तियों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। उन्होंने तहरीर में एसवीजी कंपनी के माध्यम से रुपये दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से रकम लेने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने इस प्रकरण में पहले पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ और पुलिस उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ मंडल को भी प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सात अगस्त 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की। अब मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की जांच में लेन-देन, जमीन के सौदे, संबंधित फर्म के खाते और आरोपियों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)