राशन दुकान में 18.47 कुंतल गेहूं, 63.66 कुंतल चावल व 42 किलो चीनी कम मिली; 34 कार्डधारकों के बयान भी दर्ज
आजमगढ़। जनपद के जहानागंज विकासखंड के ग्राम पंचायत मन्दे में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता के आरोप में उचित दर विक्रेता मुन्नी देवी पत्नी स्व. निरंजन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पूर्ति निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव की जांच रिपोर्ट और जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद की गई। पूर्ति निरीक्षक के अनुसार 30 सितंबर 2026 को खाद्यान्न वितरण रिपोर्ट की समीक्षा में मन्दे की उचित दर दुकान पर कुल 453 कार्डधारकों के सापेक्ष 272 कार्डधारकों को ही खाद्यान्न वितरण पाया गया। वितरण प्रतिशत 60.09 रहा, जो विकासखंड में सबसे कम बताया गया। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता मौके पर मौजूद मिलीं। दुकान खुलवाकर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया गया तो मौके पर खाद्यान्न नहीं मिला। विक्रेता द्वारा स्टॉक रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। विभागीय ऑनलाइन पीडीएस रिपोर्ट के मिलान में 18.47 कुंतल गेहूं, 63.66 कुंतल चावल और 0.42 कुंतल चीनी कम पाई गई। जांच के दौरान मौके पर मौजूद छह अंत्योदय और 28 पात्र गृहस्थी कार्डधारकों समेत कुल 34 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक कार्डधारकों ने पिछले दो से पांच महीने से अंगूठा लगवाने के बावजूद खाद्यान्न नहीं मिलने की बात कही। कुछ कार्डधारकों ने आरोप लगाया कि ई-पॉस मशीन पर खाद्यान्न वितरण के दौरान वास्तविक खाद्यान्न के स्थान पर ईंट-पत्थर और बटखरे का वजन रखकर वितरण खारिज किया जाता था। जांच में दुकान पर विभागीय सूचनाओं का समुचित प्रदर्शन नहीं होने और स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किए जाने समेत अन्य अनियमितताएं भी सामने आने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कम पाए गए खाद्यान्न को निजी हित में कालाबाजारी किए जाने के कारण संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है। जांच आख्या के आधार पर विक्रेता का अनुबंध निलंबित करने तथा मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति जिलाधिकारी को भेजी गई थी। जिलाधिकारी ने 30 सितंबर को इसका अनुमोदन कर दिया। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर जहानागंज थाने में मुन्नी देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

