जिला मजिस्ट्रेट ने गैंग चार्ट को दी मंजूरी
आजमगढ़। मुबारकपुर थाना पुलिस ने हत्या के एक मामले में विवेचना के दौरान नाम प्रकाश में आए दो आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ द्वारा 29 सितंबर 2026 को गैंग चार्ट अनुमोदित किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, थाना जहानागंज क्षेत्र के कोढ़वा गांव निवासी सुनील कुमार ने 21 मई 2026 को तहरीर दी थी कि उनके भाई सुशील कुमार 20 मई को उमाशंकर यादव उर्फ पिंटू के साथ टाटा नेक्सॉन से निमंत्रण में गए थे। आरोप है कि इसी दौरान पंकज सिंह उर्फ सोनू सिंह, अवनीश यादव उर्फ बब्लू यादव और एक अज्ञात व्यक्ति ने सुशील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में जहानागंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 197/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस और 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के मुताबिक, क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा की गई विवेचना में उमाशंकर यादव उर्फ पिंटू यादव निवासी रानीपुर, थाना मुबारकपुर और वीरेंद्र यादव उर्फ बिंदू यादव निवासी अचलपार कोढ़वा, थाना जहानागंज के नाम प्रकाश में आए। वहीं प्रारंभ में नामजद किए गए पंकज सिंह और अवनीश यादव की नामजदगी विवेचना में गलत पाई गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी वीरेंद्र यादव की निशानदेही पर एक अवैध 315 बोर तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके आधार पर मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25/27 की बढ़ोतरी की गई। विवेचना के बाद उमाशंकर यादव और वीरेंद्र यादव के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस, 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट तथा 3/25/27 शस्त्र अधिनियम के तहत आरोप पत्र संख्या A-296/26 दिनांक 19 अगस्त 2026 को न्यायालय भेजा गया। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक, भौतिक एवं दुनियावी लाभ के लिए आपराधिक गतिविधि की तथा इनके कारण लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस के अनुसार, गिरोह की सक्रियता जनपद स्तर पर है। इसी आधार पर तैयार गैंग चार्ट को जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने 29 सितंबर को मंजूरी प्रदान की। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक मुबारकपुर शशी चंद चौधरी की तहरीर पर उमाशंकर यादव उर्फ पिंटू को गैंग लीडर और वीरेंद्र यादव उर्फ बिंदू को गैंग सदस्य दर्शाते हुए दोनों के खिलाफ धारा 2(बी)(i)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

