X पर पोस्ट में ब्राह्मण समाज के दो लोगों की हत्या और आरोपी को मुख्यमंत्री का स्वजातीय बताकर कार्रवाई से बचाने का लगाया गया आरोपआजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर में हुई हत्या की घटना को जातिगत विवाद का रूप देने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, X (ट्विटर) पर @WaleAyodhy70737 नाम की आईडी से घटना को लेकर ऐसी पोस्ट प्रसारित की गई, जिसमें मृतकों को ब्राह्मण समाज से जोड़ते हुए हत्या को जातिगत रंग देने तथा आरोपी को मुख्यमंत्री का स्वजातीय बताकर उसके बच निकलने की बात कही गई थी। पुलिस ने उक्त पोस्ट को वास्तविक तथ्यों से अलग और भ्रामक बताते हुए संबंधित आईडी धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई तहरीर के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को उपनिरीक्षक उमेशचन्द हमराह कांस्टेबल गौरव सिंह और सुनील यादव के साथ क्षेत्र में भ्रमण, गश्त और शांति व्यवस्था ड्यूटी पर शंभूपुर में मौजूद थे। इसी दौरान आसपास के लोगों ने पुलिस को सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचना प्रसारित किए जाने की जानकारी दी। तहरीर के अनुसार पुलिस ने X पर @WaleAyodhy70737 आईडी को खोलकर देखा तो 22 सितंबर 2026 की रात करीब 9:44 बजे की एक पोस्ट मिली। पुलिस के मुताबिक पोस्ट में दावा किया गया था कि आजमगढ़ में ब्राह्मण समाज के दो लोग मंदिर में पूजा करने आए थे और आरोप लगाया गया कि अरविंद सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। पोस्ट में आरोपी को मुख्यमंत्री का स्वजातीय बताते हुए यह भी लिखा गया था कि उसे बचा लिया जाएगा तथा सरकार में ठाकुर समाज के लोगों को अपराध करने पर संरक्षण मिलने जैसी टिप्पणी की गई थी। पुलिस का कहना है कि इस तरह की पोस्ट के माध्यम से शंभूपुर की घटना को जातिगत विवाद के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया और एक जाति को दूसरी जाति के विरुद्ध भड़काने वाली धारणा पैदा होने की आशंका बनी। पुलिस ने पोस्ट में किए गए दावों को घटना के वास्तविक तथ्यों से अलग बताते हुए इसे भ्रामक और झूठी सूचना बताया है। तहरीर में कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार की सूचना का प्रसार भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(1)(ग) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर पुलिस ने संबंधित X आईडी धारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया। उपलब्ध मामले की जानकारी के अनुसार, अहरौला थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि शंभूपुर की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद पुलिस ने जातिगत विवाद से जुड़े दावों का खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद संबंधित परिवारों के बीच आपसी संवेदना और बातचीत भी हुई तथा गांव और रिश्तेदारों से पूछताछ में पूर्व में किसी जातिगत विवाद की जानकारी सामने नहीं आई। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई का केंद्र घटना को ब्राह्मण बनाम ठाकुर अथवा किसी अन्य जातिगत संघर्ष के रूप में प्रस्तुत करने वाली सोशल मीडिया सामग्री है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर किसी घटना से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करने की अपील की है।
