करीब 26 बीघा जमीन को लेकर फर्जीवाड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार; लेखपाल समेत एक की तलाश जारी
बिजनौर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पुश्तैनी जमीन हड़पने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के अमीखानपुर गांव स्थित जमीन को लेकर आरोपियों पर कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और वसीयत तैयार करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि लेखपाल समेत एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। बताया गया कि अमीखानपुर गांव में कमलनाथ के परिवार की करीब 90 बीघा जमीन है। इसमें लगभग 26 बीघा जमीन बटाई पर दी गई है। जमीन की देखरेख और खेती बटाईदार द्वारा की जाती है। परिवार के लोग नियमित रूप से जमीन की निगरानी के लिए वहां नहीं आते थे। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कमलनाथ के बेटे ने जमीन की वसीयत दर्ज कराने के लिए नजीबाबाद तहसील में प्रार्थना पत्र दिया। अभिलेखों की जांच के दौरान जमीन से संबंधित कथित फर्जी दस्तावेज सामने आए। इसके बाद परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। एफआईआर के अनुसार, रतन सिंह के बेटे धर्मपाल सिंह ने नजीबाबाद तहसीलदार के समक्ष कथित तौर पर फर्जी वसीयत पेश की थी। आरोप है कि इसके साथ कमलनाथ के पिता महेंद्र नाथ का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र भी तैयार कराया गया। प्रमाणपत्र में उनकी मृत्यु की तारीख 10 अप्रैल 2003 दर्ज थी, जबकि परिवार के अनुसार महेंद्र नाथ का निधन 7 सितंबर 2004 को हुआ था। प्रमाणपत्र में उनकी पत्नी का नाम प्रेमलता दर्ज किया गया, जिसे कमलनाथ ने गलत बताया है। पुलिस ने धर्मपाल सिंह, जसबिंदर सिंह ढिल्लों, विजय शंकर पांडे और लेखपाल डेविड कुमार को मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कहीं इसी तरह किसी अन्य संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों में भी फर्जीवाड़ा तो नहीं किया।

