जिला मजिस्ट्रेट ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की कार्रवाई, जेसीबी और बाइक होगी कुर्क; आरोपी पर हत्या, आर्म्स एक्ट समेत सात मुकदमे दर्ज
आजमगढ़। प्रदेश स्तर पर चिन्हित माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के सहयोगी अभियुक्त सुनील कुमार सिंह की करीब ₹28.90 लाख बाजार मूल्य की दो संपत्तियों/वाहनों को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत यह आदेश 3 अक्टूबर 2026 को पारित किया। पुलिस के अनुसार, सुनील कुमार सिंह पुत्र तीरथ सिंह निवासी ताहिरपुर, थाना रौनापार के विरुद्ध थाना कोतवाली आजमगढ़ में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट और उपलब्ध आपराधिक अभिलेखों के आधार पर आरोप है कि अभियुक्त ने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए आपराधिक गतिविधियों से अर्जित अवैध धनराशि से अपने नाम पर संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों के अर्जन का कोई वैध आय स्रोत प्रथम दृष्टया सामने नहीं आया। कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में जेसीबी वाहन संख्या UP-50-DT-4150 शामिल है। इसे 3 जून 2022 को खरीदा गया था। इसका अनुमानित मूल्य 20 लाख रुपये और बाजार मूल्य 28 लाख रुपये बताया गया है। इसके अलावा हीरो सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या UP-50-BD-0560 भी कुर्क की जाएगी। इसे 3 जनवरी 2018 को खरीदा गया था। इसका अनुमानित मूल्य 20 हजार रुपये और बाजार मूल्य 90 हजार रुपये है। दोनों वाहनों का कुल बाजार मूल्य 28 लाख 90 हजार रुपये है। जिला मजिस्ट्रेट ने प्रभारी निरीक्षक थाना सिधारी को इन संपत्तियों का प्रशासक नियुक्त करते हुए नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक सुनील कुमार सिंह के खिलाफ आजमगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, गुंडा एक्ट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जीयनपुर थाने में वर्ष 2002 में हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मुकदमा, वर्ष 2011 में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले तथा वर्ष 2023 में धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकी से संबंधित मुकदमा शामिल है। इसके अलावा रौनापार थाने में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमे और कोतवाली आजमगढ़ में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा भी उसके आपराधिक इतिहास में शामिल हैं। आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी है।

