कांग्रेस/आईवाईसी से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट से धमकी और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का आरोप, छात्र ने सुरक्षा की लगाई गुहार
आजमगढ़। सोशल मीडिया पर राजनीतिक व्यंग्यात्मक टिप्पणी पोस्ट करने के बाद एक छात्र को कथित तौर पर धमकी, गाली-गलौज और दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बलरामपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले करीब 21 वर्षीय छात्र दुर्गेश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्र का आरोप है कि सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उसे लगातार फोन और मैसेज किए गए तथा पोस्ट हटाने के साथ ही एक विशेष राजनीतिक बयान जारी करने के लिए दबाव बनाया गया। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, दुर्गेश सिंह ने 25 अगस्त 2026 की रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखी थी, जिसमें राहुल गांधी से संबंधित कुछ कथित बयानों और अभिनेत्री कृति सेनन के पहनावे व रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सार्वजनिक चर्चा का उल्लेख था। इसी मुद्दे पर छात्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर टिप्पणी पोस्ट की थी। छात्र का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल सार्वजनिक रूप से चल रही राजनीतिक बहस पर अपनी राय और व्यंग्य व्यक्त करना था। आरोप है कि 26 अगस्त की रात उक्त पोस्ट के बाद उसे कई सोशल मीडिया अकाउंट से धमकी भरे और अभद्र संदेश मिलने लगे। तहरीर में निमा यादव नामक एक अकाउंट से संपर्क और फोन किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। छात्र के अनुसार, तीन बार फोन नहीं उठाने के बाद दोबारा कॉल आई, जिस पर करीब 10 मिनट बातचीत हुई। छात्र ने आरोप लगाया कि उसने खुद को छात्र बताते हुए अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी और पहले ही माफी मांगने की बात कही, लेकिन इसके बावजूद उससे दोबारा ऐसी माफी पोस्ट करने का दबाव बनाया गया, जिसमें कांग्रेस के समर्थन और उदारवाद से संबंधित राजनीतिक नारे लिखने को कहा गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि छात्र द्वारा ऐसा राजनीतिक बयान जारी करने से इनकार करने पर उसके साथ गंभीर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और उसे धमकी दी गई। आरोप है कि उसे यह भी कहा गया कि यदि वह मांगे गए बयान प्रकाशित नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई और ऑनलाइन उत्पीड़न जारी रहेगा। दुर्गेश सिंह ने पुलिस को बताया कि उससे chixxsays नामक एक अन्य सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर भी पूछताछ की गई। आरोप है कि दोनों अकाउंट एक ही व्यक्ति द्वारा संचालित किए जाने की बात कहते हुए उससे दूसरे व्यक्ति का मोबाइल नंबर और निजी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए दबाव बनाया गया। छात्र का कहना है कि दूसरे व्यक्ति की निजी जानकारी देने से इनकार करने पर भी उसे धमकाया गया। तहरीर में छात्र ने दावा किया है कि धमकियों और लगातार फोन-मैसेज के कारण उसे अपनी सुरक्षा को लेकर भय पैदा हो गया। उसने बताया कि परिस्थितियों से परेशान होकर उसे संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटानी पड़ी और अपना अकाउंट भी निष्क्रिय करना पड़ा। शिकायत में छात्र ने कर्नाटक प्रदेश यूथ कांग्रेस कमेटी लीगल सेल की ओर से 27 अगस्त 2026 को बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स थाने में दी गई शिकायत का भी उल्लेख किया है। छात्र ने आशंका जताई है कि उसके साथ कथित तौर पर की गई धमकी और दबाव की घटना का संबंध कांग्रेस/आईवाईसी से जुड़े कुछ लोगों से हो सकता है। हालांकि, उसने इस संबंध की स्वतंत्र जांच की मांग की है। छात्र ने पुलिस को धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट, सोशल मीडिया अकाउंट के यूजरनेम व लिंक, कॉल डिटेल, उपलब्ध रिकॉर्डिंग/वॉइस नोट और मूल पोस्ट से संबंधित सामग्री सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। उसने संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और फोन नंबरों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।



