मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत संचालित बस के मालिक ने लगाया आरोप
आजमगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत संचालित बस के संचालन में कथित रूप से बाधा डालने, चालक के साथ गाली-गलौज करने और बस मालिक को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। बस के पंजीकृत स्वामी रबीश कुमार दूबे निवासी आजमपुर, थाना कंधरापुर ने पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनकी बस संख्या UP50-FT4807 मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत परिवहन विभाग आजमगढ़ से अनुबंधित है। यह बस रेलवे स्टेशन, रोडवेज, बवाली मोड़, भंवरनाथ, बिलरियागंज, भीमबर और रौनापार होते हुए सहदेवगंज तक संचालित होती है। आरोप है कि विक्रम विकास पुत्र राजीव सिंह निवासी खानपुर भगतपट्टी, थाना बिलरियागंज की कुछ बसें जजी के मैदान तिराहे से संचालित होती हैं और इनके परमिट को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल उठाए हैं। तहरीर के मुताबिक, 9 सितंबर 2026 को शाम करीब 4:25 बजे जब रबीश कुमार की बस रेलवे स्टेशन से चलकर बवाली मोड़ पहुंची, तभी विक्रम विकास सिंह कुछ साथियों के साथ बाइक से वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने बस चालक के साथ गाली-गलौज की और बस को आगे बढ़ाने के लिए दबाव बनाया। शिकायतकर्ता के बस तक पहुंचने और गाली देने से मना करने पर आरोपी द्वारा कथित तौर पर उन्हें भी अपशब्द कहे गए तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद बस जब बवाली मोड़ से माधुरी फिलिंग स्टेशन, करतलपुर पहुंचकर डीजल भरवा रही थी, तब भी विक्रम विकास सिंह वहां पहुंच गया और चालक को कथित रूप से धमकाते हुए बस संचालन बंद करने के लिए कहा। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि चालक को अगले दिन से बस लेकर आने पर हत्या की धमकी दी गई। प्रार्थना पत्र में शिकायतकर्ता ने आरोपी के विरुद्ध बिलरियागंज और कोतवाली थाने में पूर्व से कई मुकदमे दर्ज होने तथा गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई का भी उल्लेख किया है। हालांकि, इन आरोपों और आपराधिक इतिहास की पुष्टि पुलिस की जांच एवं अभिलेखों के आधार पर होना है। शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस की रोडवेज चौकी पर सूचना दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी नगर को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। 15 सितंबर 2026 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ने मामले में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत करने के निर्देश दिए। साथ ही थाना कोतवाली के एसएचओ को आरोपी के आपराधिक इतिहास के आधार पर पूरे प्रकरण की स्वयं जांच कर आख्या देने को कहा गया है।



