फर्जी व्यक्ति खड़ा कर पैतृक जमीन का बैनामा कराने का दावा
आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र के मादेपुर गांव निवासी गोविन्द गुप्ता की शिकायत पर पैतृक जमीन का कथित रूप से फर्जी बैनामा कराने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने मामले में बूढ़नपुर स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय के रजिस्ट्रार और उनके कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार, गोविन्द गुप्ता पुत्र स्व. झूरी गुप्ता ग्राम मादेपुर के निवासी हैं। उनका आरोप है कि संजय सिंह पुत्र स्व. रामअचल सिंह निवासी हंसेपुर सनूप, थाना कप्तानगंज ने साजिश के तहत उनकी पैतृक जमीन को दूसरे के नाम कराने की योजना बनाई। तहरीर में बताया गया है कि गोविन्द की पड़ोसन प्रेमा पत्नी रोहित गौड़ अक्सर उनके घर आती-जाती थी। आरोप है कि प्रेमा ने गोविन्द की पत्नी से यह कहकर पासबुक, पैनकार्ड और आधार कार्ड मांगा कि कुछ रकम उनके खाते में मंगानी है। उस समय गोविन्द मुंबई में थे। पत्नी द्वारा फोन पर जानकारी देने के बाद उन्होंने मानवीय आधार पर दस्तावेज उपलब्ध कराने की सहमति दे दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद संजय सिंह के खाते से तीन बार 49 हजार रुपये और दो लाख रुपये समेत धनराशि भेजी गई। यह रकम प्रेमा द्वारा अपने पुत्र राज गौड़ और जगदीश गुप्ता के खातों में गूगल-पे के माध्यम से ट्रांसफर कराई गई। शिकायतकर्ता ने इसका बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध कराने की बात कही है। गोविन्द गुप्ता के अनुसार, कुछ महीने बाद उन्हें जानकारी हुई कि उनके हिस्से की पैतृक जमीन गाटा संख्या 746, रकबा 0.417 हेक्टेयर का बैनामा उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कराकर करा दिया गया है। आरोप है कि यह जमीन संजय सिंह के छोटे भाई की पत्नी शीला सिंह पत्नी अशोक कुमार सिंह, निवासी हंसेपुर सनूप, थाना कप्तानगंज के नाम रजिस्टर्ड की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि 18 जुलाई 2026 को बूढ़नपुर तहसील पहुंचकर उन्होंने जमीन से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां निकलवाईं। अभिलेख देखने के बाद कथित फर्जी बैनामे की जानकारी सामने आई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि फर्जी व्यक्ति खड़ा कराकर जमीन का बैनामा कराया गया और इसमें फर्जी गवाहों के साथ रजिस्ट्रार बूढ़नपुर और उनके कर्मचारियों की मिलीभगत रही। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बैनामे के बाद जमीन का दाखिल-खारिज भी करा दिया गया। मामले में अमित कुमार सिंह पुत्र रविन्द्र नाथ सिंह निवासी हुसेपुर सनूप और रामसूरत यादव पुत्र भहकुव निवासी खानपुर (भाउपुर), थाना कप्तानगंज को कथित तौर पर गवाह बनाए जाने का उल्लेख भी तहरीर में किया गया है। गोविन्द गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने 18 जुलाई 2026 को ही आवेदन और संबंधित दस्तावेजों के साथ अतरौलिया थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई। तहरीर के मुताबिक, इसके बाद भी वह कई बार थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद 29 सितंबर 2026 को दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शिकायत में संजय सिंह, प्रेमा, राज गौड़, जगदीश गुप्ता, कथित गवाहों तथा बूढ़नपुर रजिस्ट्रार कार्यालय से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

