मोबाइल से फोटो भेजकर सत्यापन का आरोप, नए एडीओ पंचायत ने स्थलीय निरीक्षण का दिया भरोसा
रिपोर्ट : हर्ष चन्देल
आजमगढ़। फूलपुर ब्लाक क्षेत्र की 89 ग्राम पंचायतों को स्वच्छ रखने के लिए 158 सफाई कर्मियों की तैनाती है। इन कर्मचारियों के वेतन और मानदेय पर सरकार हर माह लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन इसके बावजूद कई गांवों में सफाई व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। चकमार्गों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी व घास-फूस की समस्या बनी हुई है। सफाई कर्मियों के कार्यस्थल और कार्यों के आधार पर प्रतिमाह पेरोल तैयार किया जाता है। ग्राम प्रधान, सचिव और सहायक विकास अधिकारी पंचायत की स्वीकृति के बाद पेरोल जिला मुख्यालय भेजा जाता है, जिसके बाद कर्मियों के खाते में मानदेय भेजा जाता है। आरोप है कि पेरोल को स्वीकृति देने से पहले कई बार कार्यस्थल का स्थलीय सत्यापन नहीं किया जाता। ब्लाक मुख्यालय के आसपास स्थित गांवों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। तहसील मुख्यालय स्थित एक गांव में स्कूल और पंचायत भवन के सामने नाला गंदगी से पटा है। पंचायत भवन परिसर में घास उगी हुई है, जबकि प्राथमिक विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या बनी हुई है। चकमार्गों के किनारे उगी झाड़ियों और घास के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय इन रास्तों से गुजरने पर जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा रहता है। ब्लाक क्षेत्र के कई गांव मुख्यालय से 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर हैं। ऐसे में मुख्यालय के आसपास के गांवों में ही सफाई व्यवस्था की स्थिति खराब होने से दूरस्थ क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर सफाई कार्य की निगरानी स्थलीय निरीक्षण के बजाय मोबाइल से भेजी गई तस्वीरों के आधार पर की जा रही है। सफाई कर्मियों द्वारा कार्यस्थल की फोटो अधिकारियों के वाट्सएप ग्रुप में भेजे जाने के बाद ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत संदीप ज्ञानवीर ने बताया कि उन्होंने करीब 15 दिन पहले फूलपुर ब्लाक का कार्यभार संभाला है। उन्हें रानी की सराय ब्लाक का भी प्रभार मिला है। उन्होंने कहा कि पहले अभिलेखीय जांच की जाएगी और इसके बाद गांवों में स्थलीय निरीक्षण कर सफाई कार्यों का सत्यापन कराया जाएगा। निरीक्षण में कमियां मिलने पर संबंधित सचिव, सफाई कर्मी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।



