मण्डलीय उप निदेशक (पंचायती राज) के नाम से कूटरचित नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला
लिखित बयान में रितेश मणि त्रिपाठी ने फर्जी आदेश तैयार करने की बात स्वीकार की
आजमगढ़। मण्डलीय उप निदेशक (पंचायती राज) कार्यालय के नाम पर फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में जिला होमगार्ड कमाण्डेन्ट कार्यालय में रनर के पद पर कार्यरत रितेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ थाना सिधारी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले के अनुसार, कार्यालय मण्डलीय उप निदेशक (पंचायती राज), आजमगढ़ के नाम से 14 अक्टूबर 2026 को संविदा भर्ती से संबंधित एक नियुक्ति आदेश जारी किया गया था। इसकी जानकारी 22 अक्टूबर की शाम नियुक्ति आदेश में क्रम संख्या 24 पर अंकित कु. साधना के माध्यम से कार्यालय को मिली। साधना ने कार्यालय पहुंचकर बताया कि मोबाइल नंबर 83184XXXXX धारक व्यक्ति ने उन्हें उक्त नियुक्ति आदेश उपलब्ध कराया था। इसके बाद मण्डलीय उप निदेशक अभय कुमार शाही ने 23 अक्टूबर को मामले की जानकारी संयुक्त विकास आयुक्त को दी। विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाने पर पता चला कि कथित फर्जी नियुक्ति आदेश उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति रितेश मणि त्रिपाठी है, जो जिला होमगार्ड कमाण्डेन्ट कार्यालय में रनर के रूप में कार्यरत है। उसकी वर्तमान तैनाती थाना रौनापार में बताई गई है। पत्र के मुताबिक, रितेश मणि त्रिपाठी को संयुक्त विकास आयुक्त के कक्ष में बुलाकर पूछताछ की गई। इस दौरान उसने लिखित बयान में स्वीकार किया कि संबंधित फर्जी नियुक्ति आदेश उसके द्वारा कूटरचित तरीके से तैयार किया गया था। साथ ही भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करने की बात कहते हुए क्षमा याचना भी की। मामले में मण्डलीय उप निदेशक (पंचायती राज) अभय कुमार शाही के निर्देश पर कार्यालय के कनिष्ठ सहायक सुनील कुमार सिंह को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नामित किया गया। इसके बाद 31 अक्टूबर को थाना सिधारी में आरोपी रितेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।

