लव मैरिज के बाद पति-पत्नी के बीच चल रहा था विवाद, कोतवाली में घंटों चली पूछताछ
बरेली। करवाचौथ के दिन बरेली में पति-पत्नी के विवाद का एक मामला सामने आया। प्रेम विवाह के बाद पति से अलग रह रही एक महिला अपने प्रेमी के साथ शहर के एक होटल में ठहरी थी। इसकी जानकारी होने पर पति भी उसका पीछा करते हुए होटल पहुंच गया और रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने होटल का कमरा खुलवाया तो महिला अपने प्रेमी के साथ मिली। इसके बाद पुलिस तीनों को थाने ले आई। जानकारी के मुताबिक, बदायूं निवासी युवक ने वर्ष 2025 में एक युवती से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसके चलते पत्नी ज्यादातर अपने मायके में रहने लगी। इस दौरान दोनों को एक बेटा भी हुआ। पति का आरोप है कि पत्नी ने बच्चे को अपना मानने से भी इनकार कर दिया और धीरे-धीरे उससे बातचीत तथा साथ रहना बंद कर दिया। युवक के मुताबिक, पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने के बाद उसे किसी अन्य युवक से संबंध होने का शक हुआ। जब उसने इस बारे में पत्नी से सवाल किया तो उसने सबूत दिखाने की बात कही। पति ने यह भी आरोप लगाया कि पत्नी पहले कई बार उसका गला दबाकर जान लेने की कोशिश कर चुकी है और उसे नीले ड्रम में मारकर रखने की धमकी भी दी थी।
गुरुवार को युवक किसी काम से बदायूं से बरेली आ रहा था। इसी दौरान उसे पत्नी रेलवे स्टेशन पर दिखाई दी। शक होने पर उसने पत्नी का पीछा किया तो पता चला कि वह बदायूं निवासी एक युवक के साथ है। इसके बाद पति भी दोनों के पीछे-पीछे बरेली पहुंच गया। आरोप है कि महिला और उसके साथ मौजूद युवक ने शहर के तीन-चार होटलों में कमरा लेने का प्रयास किया और आखिरकार जंक्शन के पास स्थित एक होटल में ठहर गए।
होटल में दोनों के ठहरने की जानकारी मिलने पर पति ने पुलिस को सूचना दी। रात करीब 11 बजे कोतवाली पुलिस होटल पहुंची और कमरे की तलाशी लेने पर महिला अपने प्रेमी के साथ मिली। पुलिस दोनों को लेकर पति के साथ कोतवाली पहुंची। वहां प्रेमी ने महिला से पिछले पांच वर्षों से संबंध होने की बात कही और बताया कि उसे महिला की शादी के बारे में जानकारी नहीं थी।
वहीं, महिला ने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया और प्रेमी के साथ जाने की जिद पर अड़ गई। कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव सिंह के मुताबिक, पति ने पुलिस से कहा कि उसने प्रेम विवाह किया था, लेकिन जब पत्नी उसके साथ नहीं रहना चाहती तो वह उसे जबरन अपने साथ नहीं रखेगा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हो गया। महिला अपने प्रेमी के साथ चली गई, जबकि बच्चे को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

