आज़मगढ़ : पैतृक जमीन हड़पने का आरोप, चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा

Youth India Times
By -
0







मेघालय में रहने वाले युवक को गांव बुलाकर जमीन अपने नाम कराने का आरोप

0.3245 हेक्टेयर भूमि का कराया गया दानपत्र; एक भूखंड दूसरे व्यक्ति को बेचने का भी आरोप
आजमगढ़। जनपद के थाना अतरौलिया क्षेत्र के प्रतापपुर छतौरा गांव निवासी हरेन्द्र उर्फ हरेन्द्र संगमा की शिकायत पर पुलिस ने पैतृक जमीन को कथित रूप से धोखाधड़ी और गुमराह करके अपने नाम कराने के मामले में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित का आरोप है कि बचपन से मेघालय में रहने और हिंदी भाषा का कम ज्ञान होने का फायदा उठाकर आरोपितों ने उसकी करीब 0.3245 हेक्टेयर पैतृक भूमि का कूटरचित तरीके से दानपत्र करा लिया। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार हरेन्द्र के पिता मेघालय में रहते थे और वर्ष 2003 में उनकी मृत्यु हो गई थी। हरेन्द्र बचपन से ही मेघालय के नार्थ गारो हिल्स क्षेत्र में अपने पिता के साथ रहता था। उसकी पैतृक जमीन आजमगढ़ के प्रतापपुर छतौरा और दुराजपुर में थी। पीड़ित के अनुसार उसके चचेरे भतीजे अजीत पुत्र अदालती और ओमप्रकाश निवासी शेरवा उसके पास मेघालय गए और बताया कि उसकी पैतृक जमीन हाईवे में जाने वाली है। उन्होंने कहा कि जमीन सरकार की हो जाएगी और उसे कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। इसके बाद उसे गांव चलने के लिए कहा गया। पीड़ित के मुताबिक वह 22 नवंबर 2025 को अजीत के साथ गांव आया। आरोप है कि गांव आने के बाद अजीत ने उसे अपने घर में रखने के बजाय अपने ससुराल देवरिया पंडित, थाना राजेसुलतानपुर, जनपद अंबेडकरनगर तथा अन्य अज्ञात स्थान पर करीब छह दिनों तक रखा। वहां उसे बताया गया कि यही उनका पुराना मकान है। बचपन से मेघालय में रहने के कारण वह अपने गांव और मकान की वास्तविक स्थिति से परिचित नहीं था। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 24 नवंबर को अजीत, विजय सिंह, रंजीत और प्रियंका ने हरेन्द्र से कहा कि वह यहां का निवासी नहीं है और उसके नाम के साथ 'संगमा' जुड़ा होने के कारण वह अब यहां का निवासी नहीं रह गया है। आरोपितों ने कथित तौर पर उसे अपनी जमीन प्रियंका के नाम करने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि प्रियंका जमीन बेचकर रुपये उसे भेज देगी। हरेन्द्र का आरोप है कि हिंदी भाषा का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने के कारण वह दस्तावेज में लिखी बातों को समझ नहीं सका। इसी का फायदा उठाकर आरोपितों ने मिलकर उसकी कुल 0.3245 हेक्टेयर जमीन का कथित रूप से कूटरचित तरीके से बैनामे के स्थान पर दानपत्र यानी हिब्बानामा करा लिया। इसके बाद अजीत उसे वापस मेघालय ले गया और वहां छोड़कर फोन बंद कर दिया। मामले की जानकारी पीड़ित को बाद में उस समय हुई, जब उसकी चचेरी भाभी पुष्पा और लीलावती के ससुर की मृत्यु के बाद जमीन की विरासत दर्ज कराने के लिए तहसील गईं। वहां उन्हें जानकारी हुई कि हरेन्द्र संगमा के नाम की जमीन का दानपत्र प्रियंका के नाम हो चुका है। इसके बाद पुष्पा ने हरेन्द्र को पूरी जानकारी दी, तब उसे कथित धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जमीन के संबंध में अजीत और रंजीत द्वारा उसे गुमराह किए जाने की बातचीत से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास है, जिसकी पेन ड्राइव पुलिस को उपलब्ध कराई गई है। तहरीर के मुताबिक दानपत्र के जरिए प्राप्त जमीन में से प्रियंका पत्नी अजीत ने एक भूखंड अजय कुमार पुत्र रमेशचंद्र निवासी रिठिया, थाना अतरौलिया को रजिस्ट्री कर दिया है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि न्यायालय का फैसला आने से पहले शेष जमीन भी बेची जा सकती है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रियंका पत्नी अजीत, अजीत पुत्र अदालती, रंजीत पुत्र अदालती निवासी प्रतापपुर छतौरा और विजय सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी नेबुवाडीह, थाना अतरौलिया के खिलाफ धोखाधड़ी व गुमराह कर जमीन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)