जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद पुलिस ने की कार्रवाई, दोनों पर हत्या व धमकी समेत गंभीर धाराओं में पहले से दर्ज है मुकदमा
आजमगढ़। बरदह थाना पुलिस ने हत्या के मामले में नामजद दो आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार बरदह निवासी हेमंत राय को गैंग लीडर और जौनपुर के केराकत थाना क्षेत्र के पूरनपुर निवासी आलोक प्रजापति को गैंग सदस्य बताया गया है। दोनों के खिलाफ जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ द्वारा अनुमोदित गैंगचार्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी हत्या जैसे गंभीर अपराध के जरिए आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने वाले गिरोह से जुड़े हैं। उनके आपराधिक कृत्यों से क्षेत्र में भय का माहौल उत्पन्न होने तथा आम लोगों के उनके खिलाफ शिकायत या गवाही देने से डरने का दावा किया गया है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार 1 नवंबर 2025 को प्रदीप गुप्ता निवासी करंजा कला, थाना सरायख्वाजा, जौनपुर के 21 वर्षीय भांजे अंकित गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि शव को ले जाते समय आसपास के लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में बरदह थाने में मुकदमा अपराध संख्या 335/2026 के तहत हेमंत राय और आलोक प्रजापति के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5), 103(1) और 351(3) में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान 4 नवंबर 2025 को आलोक प्रजापति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि हेमंत राय ने 10 नवंबर 2025 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। विवेचना के दौरान साक्ष्यों और घटना में प्रयुक्त कथित आलाकत्ल की बरामदगी के आधार पर हेमंत राय के खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। बरदह पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कृत्य गिरोहबंद अधिनियम की धारा 2(ख)(i) के दायरे में आते हैं। इसी आधार पर जिलाधिकारी द्वारा गैंगचार्ट अनुमोदित किए जाने के बाद गैंग लीडर हेमंत राय और गैंग सदस्य आलोक प्रजापति के खिलाफ धारा 2(ख)(i)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।









