आजमगढ़ : आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर का ट्रक चालक को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

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निजी नंबर की कार के इस्तेमाल और ट्रक चालक को थप्पड़ मारने की बात स्वीकारने के बाद कार्रवाई की वैधता पर चर्चा तेज

आजमगढ़। सोशल मीडिया पर इन दिनों आबकारी विभाग के मंडल के असिस्टेंट कमिश्नर राजकिशोर सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में उन्हें एक ट्रक चालक को थप्पड़ मारते हुए देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद न केवल उनके व्यवहार बल्कि विभागीय कार्रवाई और सरकारी कार्य में प्रयुक्त वाहन को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, वीडियो में जिस कार से असिस्टेंट कमिश्नर उतरते दिखाई दे रहे हैं, उसकी नंबर प्लेट निजी वाहन की ओर इशारा करती है। आरटीओ अभिलेखों के मुताबिक वाहन संख्या यूपी-50 सीएस-7654 बिंदु मति देवी पत्नी नागेंद्र यादव निवासी कोलपांडेय, भंवरनाथ के नाम दर्ज है। अभिलेख में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर स्वयं को नागेंद्र यादव बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि उक्त वाहन का उपयोग आबकारी विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर राजकिशोर सिंह द्वारा किया जाता है और वाहन चालक इसे चलाता है। मामले में जब असिस्टेंट कमिश्नर राजकिशोर सिंह से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि सठियांव टोल के पास ट्रक को रुकने का इशारा किया गया था, लेकिन चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। उनका कहना था कि करीब दो-तीन किलोमीटर पीछा करने के बाद ट्रक को रोका गया। पहले उन्होंने मारपीट की घटना से इनकार किया, लेकिन वीडियो देखने के बाद कहा कि चालक को "डराने-धमकाने" के उद्देश्य से थप्पड़ मारा गया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ट्रक से कोई अवैध सामान बरामद नहीं हुआ और न ही उसके दस्तावेजों में कोई कमी मिली। घटना के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। यदि ट्रक के सभी दस्तावेज सही थे और उसमें कोई नियम विरुद्ध सामग्री नहीं थी, तो चालक को थप्पड़ मारने का अधिकार किस आधार पर प्रयोग किया गया? वहीं, सरकारी कार्य के दौरान निजी नंबर की कार के उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि वाहन का प्रयोग नियमों के विपरीत हो रहा है, तो क्या संबंधित विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में असिस्टेंट कमिश्नर राजकिशोर सिंह का कहना है, "ट्रक चालक हमें देखकर भाग रहा था। दो-तीन किलोमीटर पीछा करने के बाद उसे पकड़ा गया। मारपीट नहीं, बल्कि डराने-धमकाने के लिए थप्पड़ मारा गया था। जहां तक सफेद नंबर प्लेट वाली गाड़ी से चलने की बात है, वह उपलब्ध कराने वाले लोग जानें। यदि वाहन नियम विरुद्ध है तो संबंधित विभाग कार्रवाई करे।"

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