सील किए गए नर्सिंग होम में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा, संचालक अब भी फरार
आजमगढ़। सरायमीर थाना पुलिस ने अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के मामले में शनिवार को दो वांछित महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नर्सिंग होम में कार्यरत रेनू विश्वकर्मा और रोशनी को गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 10 जुलाई को उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द्र कुमार की ओर से थाना सरायमीर में तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि पवई लाड़पुर स्थित डॉ. अंगद पाल के अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान मरीज के परिजनों ने बताया कि उनके मरीज का उपचार 12 फरवरी 2026 को इसी नर्सिंग होम में हुआ था। हालत गंभीर होने पर मरीज को उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 10 जुलाई को उसकी मृत्यु हो गई। निरीक्षण के समय नर्सिंग होम संचालक डॉ. अंगद पाल मौके पर नहीं मिले, जबकि स्टाफ के रूप में रेनू विश्वकर्मा और रोशनी मौजूद थीं। जांच में यह भी सामने आया कि नर्सिंग होम में कोई वैध चिकित्सक कार्यरत नहीं था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम को तत्काल सील कर दिया। तहरीर के आधार पर थाना सरायमीर में धारा 105 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को उपनिरीक्षक पंकज यादव पुलिस टीम के साथ वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे। इसी दौरान सूचना मिली कि दोनों महिला अभियुक्ताएं पवई लाड़पुर स्थित अपने किराये के कमरे पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्ताओं की पहचान रेनू विश्वकर्मा निवासी ग्राम सोनवारा थाना रानी की सराय तथा रोशनी निवासी ग्राम संजरपुर थाना सरायमीर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि नर्सिंग होम संचालक की तलाश जारी है।




