आजमगढ़। रानी की सराय विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत फरिहा के ग्राम प्रधान अबूबकर खान ने उत्तर पूर्व रेलवे वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को ज्ञापन भेजकर फरिहा रेलवे स्टेशन के विकास और क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ी तीन प्रमुख मांगें उठाई हैं। उन्होंने फरिहा रेलवे स्टेशन पर मेल ट्रेनों के ठहराव, समपार संख्या-41 को बहाल करने अथवा वहां अंडरपास बनाने तथा गेट संख्या-40 पर फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि मऊ-शाहगंज रेलखंड पर स्थित फरिहा रेलवे स्टेशन लंबे समय से क्षेत्र की बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा कर रहा है। यह स्टेशन जौनपुर, वाराणसी, मंदुरी हवाई अड्डा और अयोध्या मार्ग से जुड़े क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। स्टेशन से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित निजामाबाद तहसील अपनी ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ ओडीओपी योजना में शामिल विश्वप्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी के लिए भी जानी जाती है। ग्राम प्रधान ने बताया कि फरिहा रेलवे स्टेशन पर मेल ट्रेनों के ठहराव से फरिहा सहित आसपास के सैकड़ों गांवों तथा लालगंज से मंदुरी तक के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मऊ-शाहगंज रेलमार्ग पर माल ढुलाई के लिए सबसे बड़ा माल गोदाम फरिहा में स्थापित किया गया है, जिससे स्टेशन का महत्व और अधिक बढ़ गया है। ऐसे में यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए मेल ट्रेनों का ठहराव आवश्यक है। ज्ञापन में रेल संघर्ष समिति फरिहा एवं क्षेत्रीय जनता की ओर से मांग की गई है कि समपार संख्या-41 को पुनः चालू किया जाए अथवा वहां अंडरपास का निर्माण कराया जाए। साथ ही गेट संख्या-40 पर फ्लाईओवर ब्रिज बनाकर क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं का समाधान किया जाए। ग्राम प्रधान अबूबकर खान ने रेल प्रशासन से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।





