लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्लंबर ने अपनी पत्नी पर प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर उसे जहरीला पदार्थ पिलाकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का इलाज पिछले पांच दिनों से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। मूल रूप से सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा निवासी 29 वर्षीय दिलेराम चिनहट के माधव ग्रीन इलाके में पत्नी के साथ किराये के मकान में रहता है। दिलेराम के अनुसार उसने आठ वर्ष पहले बाराबंकी निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। उसका आरोप है कि कुछ समय से पत्नी का चिनहट के एक ई-रिक्शा चालक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब उसने इसका विरोध किया तो पत्नी उससे झगड़ा करने लगी। दिलेराम का यह भी आरोप है कि पत्नी के कहने पर उक्त युवक ने उसके साथ मारपीट भी की थी। पीड़ित का कहना है कि उसने 28 जनवरी को पत्नी और उसके कथित प्रेमी के खिलाफ चिनहट थाने में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। दिलेराम के मुताबिक 18 जून को काम से लौटने के बाद पत्नी से विवाद हुआ। कुछ देर बाद पत्नी पानी लेकर आई और कहा कि उसमें खांसी की दवा मिलाई है। भरोसा कर उसने पानी पी लिया, लेकिन उसमें कड़वापन महसूस हुआ। आरोप है कि इसके बाद पत्नी बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर सो गई। रात में उसकी तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। अगले दिन सुबह दरवाजा खुलने पर वह किसी तरह सीतापुर स्थित अपने परिजनों के पास पहुंचा। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे लखनऊ के लोहिया संस्थान लेकर आए, जहां उसका उपचार जारी है। दिलेराम का आरोप है कि घटना के बाद उसकी पत्नी एक बार भी अस्पताल नहीं आई। उसने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई, जिस पर एक पुलिसकर्मी अस्पताल में उसका बयान लेने पहुंचा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यह स्पष्ट किया जा रहा है कि युवक ने स्वयं जहरीला पदार्थ खाया या उसे किसी ने पिलाया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि मरीज में संदिग्ध जहरीले पदार्थ के सेवन के लक्षण मिले थे। उसका क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ था, जिसके चलते उसे नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती किया गया। अब उसकी हालत में सुधार है और जल्द ही उसे मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।





