न्यायिक कार्य का बहिष्कार, पुलिस अधिकारियों के समझाने पर खत्म हुआ जाम
सात वर्ष या अधिक सजा वाले मामलों में प्रैक्टिस पर रोक संबंधी आदेश का किया विरोध
आजमगढ़। इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया आदेश के विरोध में दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने पूरे दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए गिरिजाघर चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और पुलिस प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव, सीओ सिटी शुभम तोड़ी तथा शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह से वार्ता की। वार्ता के बाद अधिवक्ताओं ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और दीवानी न्यायालय परिसर लौट गए। इसके बाद दीवानी न्यायालय अभिभाषक संघ की साधारण सभा की बैठक अध्यक्ष प्रभाकर सिंह की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित ने किया। बैठक में अधिवक्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध जताया, जिसमें सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले मामलों में एफआईआर दर्ज होने पर अधिवक्ता की प्रैक्टिस पर रोक लगाने का उल्लेख है। अधिवक्ताओं ने इसे अपने पेशेवर अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है। बैठक में अधिवक्ता चंदन यादव के प्रकरण पर भी चर्चा की गई और सर्वसम्मति से पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दोहराया गया। प्रदर्शन में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह, मंत्री अनुराग कुमार दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव, वीरेंद्र यादव, रामदरश यादव, मुखराम यादव, जितेंद्र यादव, कृष्ण कुमार पांडेय, शशिकांत पांडेय, अशोक कुमार पांडेय, बेलाल अहमद बेग सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद चक्का जाम समाप्त हो गया और यातायात सामान्य हो गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।




