PCI से मिली मंजूरी के बाद आजमगढ़ के विद्यार्थियों को जिले में ही स्नातकोत्तर फार्मेसी शिक्षा और शोध का मिलेगा अवसर
आजमगढ़। जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान क्रॉस बेली इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी, बेलहरा, सठियांव को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली से एम.फार्मा (M.Pharma) पाठ्यक्रम संचालित करने की मान्यता मिल गई है। इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है और अब छात्र-छात्राओं को स्नातकोत्तर स्तर की फार्मेसी शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। संस्थान को एम.फार्मा की चार विशेषज्ञताओं—फार्माकोलॉजी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, फार्माकोग्नोसी और फार्मास्यूटिक्स—में मान्यता प्राप्त हुई है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 15-15 सीटें स्वीकृत की गई हैं। इस प्रकार संस्थान में कुल 60 सीटों पर एम.फार्मा में प्रवेश लिया जा सकेगा। संस्थान के प्रधानाचार्य, शिक्षकों एवं समस्त स्टाफ की मेहनत और समर्पण के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई है। मान्यता मिलने के बाद जिलेभर से संस्थान को बधाई संदेश मिल रहे हैं। इस अवसर पर संस्थान की प्रबंधक सुधा राय तथा चेयरमैन सहर्ष राय (गोल्डी) ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे आजमगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और शोध की सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने अभिभावकों एवं शुभचिंतकों के सहयोग के प्रति आभार भी व्यक्त किया। एम.फार्मा पाठ्यक्रम की मान्यता मिलने के साथ ही क्रॉस बेली इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी पूर्वांचल के प्रमुख फार्मेसी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुका है। संस्थान के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द ही उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।




