गलत रिपोर्ट और ग्राम समाज की भूमि पर कब्जे के मामलों में हुई सख्त कार्रवाई
आजमगढ़। सगड़ी तहसील क्षेत्र में राजस्व एवं भूमि विवादों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए आयोजित चौपालों में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। उप जिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह ने तीन गांवों में जनसुनवाई के दौरान शिकायतों की समीक्षा करते हुए दो लेखपालों को निलंबित कर दिया, जबकि ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र में बीते एक वर्ष के दौरान राजस्व और भूमि संबंधी शिकायतों की संख्या अधिक होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर विशेष चौपालों का आयोजन किया गया। ग्राम जोल्हापुर में आयोजित चौपाल में कुल 76 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 73 का दोनों पक्षों को सुनकर निस्तारण किया गया। शेष तीन प्रार्थना पत्रों में प्रस्तुत निस्तारण आख्या तथ्यहीन एवं निराधार पाई गई। जांच में क्षेत्रीय लेखपाल वीरेंद्र खरवार की रिपोर्ट मानकों के विपरीत मिलने पर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई।वहीं ग्राम बरौली दिवाकर पट्टी में चौपाल के दौरान एक ही व्यक्ति पियूष शुक्ला द्वारा दिए गए 161 शिकायती प्रार्थना पत्रों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया। इसके अलावा एक प्रकरण में ग्राम प्रधान के पति की मृत्यु के बाद मृतक के वारिसों के शपथ पत्र एवं लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पत्नी का नाम वारिस के रूप में दर्ज किया गया। ग्राम कप्स में आयोजित चौपाल के दौरान एक व्यक्ति को उसकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया। साथ ही ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच में कब्जा हटवाते हुए कब्जाधारी चंद्रशेखर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल चंद्रपाल चौहान की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। उप जिलाधिकारी श्याम प्रताप सिंह ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए चौपालों का आयोजन आगे भी जारी रहेगा। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।





