आजमगढ़ : अब इन प्राइवेट अस्पतालों में होगा 1.5 लाख रुपये तक निशुल्क इलाज

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सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों समेत 20 निजी चिकित्सालयों में लागू हुई प्रधानमंत्री राहत योजना
आजमगढ़। सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों की जान बचाने और उन्हें समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री राहत योजना जनपद आजमगढ़ में प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है। योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में 1.5 लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद शुरूआती उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सूचीबद्ध अस्पतालों में तत्काल भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया जाएगा। उपचार के लिए मरीज अथवा उसके परिजनों को प्रारंभिक स्तर पर कोई भुगतान नहीं करना होगा। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं प्रमुख जिला मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ित इस योजना के पात्र होंगे। अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना पीड़ित को बिना विलंब भर्ती कर उपचार प्रारंभ करें तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए योजना का लाभ उपलब्ध कराएं। सीएमओ ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत जनपद के सभी सरकारी चिकित्सालय शामिल हैं। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं सुपर फैसिलिटी चिकित्सालय चक्रपानपुर, मंडलीय जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, 100 शैय्या चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के 20 निजी चिकित्सालयों को भी योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है। सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में आदित्य विक्रम सिंह स्मृति हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, सरूपहा लालगंज; आनंद हॉस्पिटल मल्टीस्पेशियलिटी, मुकेरीगंज; बीएचएस हॉस्पिटल, गोविंदपुर अतरौलिया; ग्लोबल मल्टी स्पेशियलिटी एंड ट्रॉमा सेंटर, सिधारी; लाइफ लाइन हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मड़या; लोटस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, राहुल नगर मड़या; एम.के. राय दीप आदर्श हॉस्पिटल, भगवानपुर ठेकमा; नेशनल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, हाफिजपुर; प्रकाश नर्सिंग होम, सिविल लाइंस; आर एंड के मेमोरियल हॉस्पिटल, भौवनाथ; रामा हॉस्पिटल एंड हार्टकेयर सेंटर, लालगंज; रामा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, नरौली; शारदा पॉली क्लीनिक, तिवारीपुर सिधारी; शिवा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, करतारपुर; ताहिर मेमोरियल हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, फूलपुर; वेदांता हॉस्पिटल, बिलरियागंज रोड; विजय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लछीरामपुर; हीरा हेल्थ केयर सेंटर, बरदह; डॉ. इम्तियाज न्यूरो एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मुकेरीगंज तथा एच.एम. सर्जिकल हॉस्पिटल, बिलरिया की चुंगी शामिल हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ननकू राम वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि किसी भी चिकित्सालय द्वारा घायल मरीज को भर्ती करने में आनाकानी की जाती है, उपचार देने में अनावश्यक विलंब किया जाता है अथवा योजना के प्रावधानों का उल्लंघन किया जाता है और इसकी सूचना प्राप्त होती है, तो संबंधित चिकित्सालय के विरुद्ध सख्त वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी परिस्थिति में दुर्घटना पीड़ित को उपचार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। सीएमओ ने आमजन से अपील की है कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को यथाशीघ्र नजदीकी सूचीबद्ध चिकित्सालय पहुंचाएं, ताकि उसे समय पर उपचार मिल सके और बहुमूल्य जीवन बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित को समय पर उपचार उपलब्ध कराना समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रधानमंत्री राहत योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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