आजमगढ़ : दिव्यांग युवती को चचेरे भाई की बना दिया पत्नी

Youth India Times
By -
0





सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही आई सामने

सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब
आजमगढ़। शौचालय योजना में बनवीरपुर की एक दिव्यांग युवती को अपात्र घोषित किए जाने के मामले में जांच के दौरान बड़ी प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। जांच में पाया गया कि पंचायत सचिव ने युवती को उसके चचेरे भाई की पत्नी बताकर विवाहित दर्शा दिया था। मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। पीड़िता सुषमा सिंह ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और अपने पिता की इकलौती संतान हैं। दिव्यांग होने के कारण उनकी शादी नहीं हुई है। उन्होंने शौचालय योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने उन्हें गलत तरीके से विवाहिता दर्शाकर अपात्र घोषित कर दिया। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर बीडीओ मिर्जापुर द्वारा मामले की जांच कराई गई। आठ मई को सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), संबंधित सचिव, ग्राम प्रधान, शिकायतकर्ता सुषमा सिंह, विवेक सिंह तथा ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय जांच की गई। जांच में पुष्टि हुई कि सुषमा सिंह अपने पैतृक घर में भाभी के साथ रहती हैं और उनके घर के पास स्वच्छ भारत मिशन फेस-2 के अंतर्गत निर्मित शौचालय भी मिला। अभिलेखीय जांच में यह भी सामने आया कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किश्त 13 मार्च 2024 को छह हजार रुपये तथा दूसरी किश्त 30 अगस्त 2024 को छह हजार रुपये उनके खाते में भेजी जा चुकी है। वहीं, पूर्व में सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट में सुषमा सिंह को विवाहित बताते हुए विवेक सिंह की पत्नी दर्शाया गया था, जबकि ग्रामीणों और परिजनों ने स्पष्ट किया कि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं। अधिकारियों ने सचिव की रिपोर्ट को असत्य, भ्रामक और निंदनीय माना है। बीडीओ ने गलत रिपोर्ट देने पर पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण मांगा है तथा अपनी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। शुक्रवार को सुषमा सिंह ने डीएम से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

Post a Comment

0Comments

Post a Comment (0)