गोपालपुर प्रकरण पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया पलटवार, सपा बयान की किया कड़ी निंदा
आजमगढ़। भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह ने आज गंगोत्री होटल के सभागार में प्रेसवार्ता के द्वारा जनपद को जाति बिरादरी की आग में झोंकने वाले कुछ तथाकथित नेताओं के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सपा जिलाध्यक्ष के बयान की कड़ी निंदा की। मेंहनगर अंतर्गत गोपालपुर में अंबेडकर जयंती के दौरान हुई घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष ध्रुव कुमार सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अंबेडकर जयंती के दौरान भीम आर्मी के कुछ लोगों द्वारा गेट पर लगे केसरिया झंडे को हटाकर अपना झंडा लगाने का प्रयास किया गया था, जिसे वहां उपस्थित ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक रोक दिया। उस समय किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि अगले दिन सुबह भीम आर्मी के लोग संगठित होकर लाठी-डंडों के साथ पुन: मौके पर पहुंचे और जबरन झंडा लगाने का प्रयास करने लगे। इसकी सूचना मिलते ही ग्रामवासियों ने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम के समझाने के बावजूद वे लोग नहीं माने, जिसके बाद थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस बल के पहुंचने के बाद भी भीम आर्मी के लोगों द्वारा लाठी-डंडों और पथराव की घटना की गई तथा वे झंडा लगाने पर अड़े रहे। इस पथराव में उपनिरीक्षक उमेश सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई ग्रामवासी भी चोटिल हुए। ध्रुव सिंह ने समाजवादी पार्टी की जिला अध्यक्ष के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि एक जाति विशेष के लोगों द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार, भ्रामक एवं अशोभनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य और तनाव फैलाने का कार्य करते हैं, जिसकी वे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सदैव बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों और संविधान के अनुरूप कार्य करती है तथा प्रत्येक वर्ष अंबेडकर जयंती को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाती है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कुछ लोग समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।





