गैंगस्टर एक्ट के तहत भी हुई थी कार्रवाई; जिला मजिस्ट्रेट ने जारी किया निरस्तीकरण का आदेश
आजमगढ़। जनपद में अपराध नियंत्रण और शस्त्रों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त एक शस्त्र लाइसेंस धारक का लाइसेंस जिला मजिस्ट्रेट ने निरस्त कर दिया है। पुलिस के अनुसार, महाराजगंज थाना क्षेत्र के नोबरार देवारा जदीद गांव निवासी राजबहादुर पुत्र धननाथ के खिलाफ थाना महाराजगंज में तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें दो मुकदमे वर्ष 2017 में विभिन्न आपराधिक धाराओं में दर्ज किए गए थे, जबकि तीसरा मुकदमा उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत पंजीकृत है। पुलिस ने राजबहादुर के आपराधिक इतिहास और शस्त्र के संभावित दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए उसके शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की संस्तुति की थी। पुलिस आख्या और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद जिला मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने 22 अक्टूबर 2026 को आदेश पारित करते हुए उसका डीबीबीएल शस्त्र लाइसेंस संख्या 12566 (लाइसेंस संख्या 5883/भाग-2) निरस्त कर दिया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, राजबहादुर के विरुद्ध दर्ज तीनों मुकदमे वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस की समीक्षा कर नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनपद में लोक सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा अवैध रूप से शस्त्रों के इस्तेमाल की आशंका को रोकने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

