आजमगढ़ : बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं को हजारों के बिल, बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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फिक्स बिल व्यवस्था बंद होने के बाद अनुमानित खपत के आधार पर भेजे जा रहे बिल, तीन दिन में 2,387 से बढ़कर 16,572 रुपये पहुंची धनराशि

रिपोर्ट : हर्ष चन्देल
फूलपुर (आजमगढ़)। विद्युत विभाग बकाया बिलों की वसूली के लिए लगातार अभियान चलाकर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर बिजली बिलों में सामने आ रही गड़बड़ियों से उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं को अनुमानित बिजली खपत के आधार पर बिल भेजे जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, बिल संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में पहले एक किलोवाट के बिजली कनेक्शन पर फिक्स बिल की व्यवस्था लागू थी। इसके तहत उपभोक्ताओं को सामान्यतः दो महीने का करीब 450 रुपये बिल जमा करना पड़ता था। बाद में बिजली की खपत और लोड बढ़ने के मद्देनजर विभाग ने मीटर लगाने का अभियान शुरू किया। हालांकि, आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनके घरों पर मीटर नहीं लगाए जा सके हैं। इसके बावजूद फिक्स बिल व्यवस्था बंद कर अनुमानित यूनिट के आधार पर बिल भेजे जा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण फूलपुर क्षेत्र के सुदनीपुर निवासी कुंदन यादव का मामला है। उन्होंने मोबाइल पर प्राप्त बिजली बिल के संदेश दिखाते हुए बताया कि कनेक्शन लेने के बाद से उनका बिल फिक्स आता था और वह नियमित रूप से भुगतान करते थे। प्रतिमाह करीब 200 से 250 रुपये के हिसाब से बिल जमा होता था। लेकिन 24 अक्टूबर 2026 को उनके मोबाइल पर 2,387 रुपये का बिल भेजा गया, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित थी। इसके महज तीन दिन बाद 27 अक्टूबर को 16,572 रुपये का दूसरा बिल संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें भुगतान की अंतिम तिथि तीन नवंबर बताई गई। महज तीन दिनों के अंतराल में बिल की धनराशि में इतना बड़ा अंतर देखकर उपभोक्ता परेशान हो गए। मामले की जानकारी लेने के लिए वह विद्युत उपखंड फूलपुर कार्यालय पहुंचे। वहां उन्हें मीटर लगवाने की सलाह दी गई। बताया गया कि मीटर की रीडिंग के आधार पर बिल संशोधित कर दिया जाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उपभोक्ता के यहां मीटर ही नहीं लगा है तो आखिर कुछ ही दिनों के अंतराल में हजारों रुपये के बिल का निर्धारण किस आधार पर किया जा रहा है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी विद्युत फूलपुर सुजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि फिक्स बिल व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। अब एक किलोवाट के कनेक्शन पर न्यूनतम 108 यूनिट की खपत मानकर बिल भेजा जा रहा है। उन्होंने संभावना जताई कि संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन दो किलोवाट का हो सकता है और 218 यूनिट के आधार पर बिल तैयार किया गया होगा। उन्होंने उपभोक्ताओं को मीटर लगवाने की सलाह देते हुए कहा कि मीटर रीडिंग के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा। वहीं, उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि विभाग ने फिक्स बिल व्यवस्था बंद कर दी है तो इसकी जानकारी पहले से दी जानी चाहिए थी। साथ ही बिना मीटर वाले कनेक्शनों पर बिल निर्धारण की पारदर्शी व्यवस्था भी होनी चाहिए। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बकाया वसूली के लिए सख्ती दिखाने के साथ ही गलत बिलों को समय से दुरुस्त करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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