अतरकच्छा बरडीहा गांव के रहने वाले हैं चारों आरोपी, जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद गैंग चार्ट के आधार पर कार्रवाई
कारोबारी से तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप, मामले में पहले ही दाखिल हो चुका है आरोप पत्र
आजमगढ़। जनपद के जीयनपुर थाना क्षेत्र में माफिया ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के नाम पर संगठित अपराध और रंगदारी वसूली करने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध गैंग चार्ट तैयार कर जिलाधिकारी की मंजूरी के लिए भेजा गया था, जिसे 21 अगस्त 2026 को अनुमोदित किया गया। इसके बाद 16 अक्टूबर 2026 को जीयनपुर थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 2(ख)(i) और 3(1) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस की तहरीर के अनुसार, गैंग का कथित सरगना अब्दुल हई पुत्र इलियास निवासी अतरकच्छा बरडीहा है। उसके साथ सरफराज उर्फ अशहद पुत्र अब्दुल हई, फैसल खान पुत्र अनवर और सोएब पुत्र अनवर को गिरोह का सदस्य बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि यह गिरोह आर्थिक, भौतिक और दुनियावी लाभ के लिए संगठित अपराधों में संलिप्त रहा है तथा ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के लिए अवैध धन की वसूली करता था। पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत अक्टूबर 2024 में कारोबारी अब्दुल रहमान पुत्र रुस्तम खान की ओर से दी गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चारों आरोपियों ने उनसे तीन लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर हत्या कराने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, भय के कारण उन्होंने 6 अक्टूबर 2024 को गांव में अलीसरवर की चक्की के पास सरफराज उर्फ अशहद को एक लाख रुपये दिए। इसके बाद 18 अक्टूबर 2024 को अतरकच्छा से बरडीहा जाने वाले मार्ग पर कब्रिस्तान के सामने शेष दो लाख रुपये अब्दुल हई, फैसल खान और सोएब को देने का आरोप लगाया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि इसके बाद आरोपियों ने और रुपये की मांग की तथा ध्रुव सिंह उर्फ कुंटू सिंह के मुकदमे के लिए धन की जरूरत होने की बात कही। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर जीयनपुर थाने में मु0अ0सं0 480/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5) में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद चारों आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा करते हुए 15 जुलाई 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायालय संख्या-12, आजमगढ़ में विचाराधीन बताया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की कथित आपराधिक गतिविधियों और गिरोह की सक्रियता को देखते हुए 12 फरवरी 2026 को गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए गैंग चार्ट तैयार कर भेजा गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी की संयुक्त प्रक्रिया के बाद 21 अगस्त 2026 को इसे मंजूरी मिली। इसके आधार पर 16 अक्टूबर को गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस की तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि गिरोह के भय और दहशत के कारण लोग उसके खिलाफ शिकायत करने तथा गवाही देने से डरते हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय की प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

