बच्चों का भविष्य नहीं देख पाए कलयुगी संजय के नेत्र
शहर के चर्चित स्कूल का यह हाल बता रहा जिम्मेदारों के मन की बात
आजमगढ़। विद्या के मंदिर में गुरुजी की गहरी निद्रा यह साफ बता रही है कि इस कलयुगी संजय को बच्चों का भविष्य नजर नहीं आ रहा है। शहर के मध्य में स्थित कभी चर्चित विद्यालयों में शुमार कुरैश जूनियर हाईस्कूल में आज लाखों वेतन लेने वाले गुरूजी सोते हुए पाये गये तो वहीं मिड-डे-मील के बर्तनों पर जमीं धूल अपने आप में इस कहानी पर मुहर लगाती हुई दिखाई दी कि शासन के आदेश मनमाने तरीके से मानते हैं प्रधानाध्यापक से लेकर शिक्षक, लिपिक व सहायक अध्यापक। गुरूवार को मीडिया की टीम शहर कोतवाली के जालन्धरी स्थित कुरैश जूनियर हाईस्कूल में दिन के लगभग 11.15 बजे पहुंची तो विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षक संजय कुमार यादव प्रधानाध्यापक कक्ष में सोते हुए मिले तथा सहायक शिक्षिका रजनी राय व लिपिक तमन्ना फिरोज रसोइयां के साथ गपशप करते हुए पाये गये। किसी अन्य कमरे से मौके पर पहुंचे प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद फैयाज खां से जब यह पूछा गया कि बच्चों के लिए मिड-डे-मील कहां बन रहा है तो उन्होंने उसी कैंपस में संचालित मदरसे की एक कक्षा में जो कि देखने में वहां पर रहने वाले लोगों के बर्तन और गैस सिलेण्डर प्रतीत होते थे, भोजन बनाये जाने की बात कही और यह भी कहा कि विद्यालय में न सिर्फ बच्चों को भोजन करा दिया गया है बल्कि रसोइयां ने बर्तन आदि साफ कर दिया है जबकि प्रधानाध्यापक कक्ष में रखे हुए मिड-डे-मील के बर्तनों पर जमी धूल अपने आप में काफी कुछ बता रही थी। प्रबन्धकीय पर सरकार से लाखों रूपये वेतन लेने वाले सहायक शिक्षक संजय कुमार यादव का विद्यालय में नींद लेना, प्रभारी प्रधानाध्यापक का 11.15 बजे यह दावा कि न सिर्फ मिड-डे-मील बनाकर बच्चों को खिला दिया गया है बल्कि बर्तन आदि भी धुल दिये गये हैं। यह न सिर्फ हास्यास्पद लगा बल्कि विद्यालय में चल रहे खेल को भी बयां करता हुआ दिखाई दिया। मजेदार बात यह थी कि विद्यालय की कक्षाओं में उपस्थित छात्राओं की संख्या पांच भी पहुंचती हुई नहीं दिखी और प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में 21 बच्चों का नामांकन है। अब इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही कहें या प्रधानाध्यापक व विद्यालय में नींद लेने वाले सहायक अध्यापक संजय कुमार यादव की कारस्तानी कि चार शिक्षकों व एक लिपिक के जिम्मे कागजों में 21 बच्चे, मौके पर पांच। एक अनुमान लगाया जाय तो विद्यालय में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक व लिपिक के वेतन का एक मोटा अनुमान लगाया जाय तो साढ़े पांच लाख के लगभग पहुंचता होगा, अब एक लाख में एक बच्चे को शिक्षा यह कहां का नियम और कहां का न्याय। वहीं विद्यालय के कैंपस में ही संचालित होने वाले मदरसे में 12 बजे के बाद न सिर्फ बच्चे मीनू के हिसाब से भोजन करते हुए देखे गये बल्कि उपस्थिति भी नामांकन से पचास प्रतिशत के लगभग दिखाई दी। अब क्या कहा जाय कि एक ही कैंपस में दो विद्यालय एक में लगभग चार सौ बच्चों का नामांकन तो दूसरे में 21, उसमें से भी उपस्थिति चार, पांच की। अब देखना दिलचस्प होगा कि विभाग सोकर वेतन लेने वाले संजय कुमार यादव व स्टाप रूप में गपशप करने वाली सहायक शिक्षिका रजनी राय, लिपिक तमन्ना फिरोज व रसोइयां पर क्या कार्रवाई करती है या फिर जनता के टैक्स के पैसे से सोकर वेतन लेने वाले शिक्षक को अनवरत वेतन देने के साथ कार्रवाई के नाम पर लीपापोती करते हैं। विद्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में भी शासनादेश की अनदेखी देखने को मिली। अब जबकी सभी विद्यालय नौ बजे से संचालित हो रहे हैं तो वहीं जूनियर हाईस्कूल कुरैश में बच्चे भले न हों, अध्यापक आकर सोते हों लेकिन उपस्थिति रजिस्टर में अपनी उपस्थिति का समय 8 बजे ही दर्शाते हैं। मामले में प्रधानाध्यापक की लीपापोती की कोशिश न सिर्फ विद्यालय के दुर्व्यवस्थाओं पर पर्दा डालने की कोशिश थी बल्कि विद्यालय के बने हुए शौचालयों में बंद ताले यह बता रहे थे कि हम तो कुछ ऐसा करेंगे नहीं जिससे बच्चे पढ़ने आयें, साथ ही अगर कैंपस में कोई और बच्चों को लाने और पढ़ाने की कोशिश करेगा तो उसके लिए शौचालय उपयोग नहीं बल्कि तालाबंदी कर दुरूपयोग किया जायेगा। विद्यालय के ही कैंपस में ही संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र कहीं न कहीं लाखों रूपये वेतन लेकर सोने वाले कुरैश जूनियर हाईस्कूल के गुरूजी को आईना दिखाता हुआ दिखाई दिया बल्कि यह भी बताया कि बच्चे तो आते हैं कैंपस में बस पढ़ाने वाले शिक्षक हों, सोकर लाखों का वेतन लेने वाले नहीं।
नवनीत चौबे, खण्ड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र ने बताया कि विद्यालय नौ बजे से तीन बजे तक संचालित होना चाहिए। अगर उपस्थिति रजिस्टर पर आठ बजे के हस्ताक्षर हैं तो वह गलत है। साथ ही विद्यालय में कहीं पर भी सोना या विद्यालय समय में आपस में गपशप करना पूरी तरह से गलत है। भोजन का समय 12 बजे से है, जूनियर हाईस्कूल कुरैश में आपके द्वारा बताई गई कमियों पर विद्यालय की जांच कर दोषी पाये जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जायेगी।

