मतदान से दो दिन पहले विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को फोन कर अभिलेखों सहित बुलाने का आरोप, निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित कराने की मांग
आजमगढ़। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षक मतदाता सूची की जांच को लेकर चुनावी माहौल में विवाद सामने आया है। निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी अजय सिंह ने आजमगढ़ के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के दो कर्मचारियों पर विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को फोन कर शिक्षक मतदाताओं से संबंधित अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश, रिटर्निंग ऑफिसर तथा संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसरों को पत्र भेजकर शिकायत की है।
प्रत्याशी अजय सिंह के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ सहायक लिपिक के पद पर कार्यरत दिनेश मौर्य एवं मोइनुद्दीन द्वारा 19 अक्टूबर की शाम से विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को फोन किए गए। आरोप है कि उनसे पिछले तीन वर्षों की उपस्थिति पंजिका, वेतन भुगतान संबंधी अभिलेख सहित अन्य दस्तावेज लेकर कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया। कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि जिला निर्वाचन अधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर शिक्षक मतदाताओं से संबंधित अभिलेखों की जांच की जानी है।
अजय सिंह ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि मतदाता सूची के संबंध में निर्धारित प्रक्रियाओं और समय-सीमा के बाद इस प्रकार की जांच कराना उचित नहीं है। उनका दावा है कि प्रपत्र-7 भरने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है और मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भी किया जा चुका है। ऐसे में मतदान से ठीक पहले विद्यालयों को अभिलेखों के साथ बुलाने से शिक्षक मतदाताओं में भय और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को बिना लिखित आदेश के बुलाया जाना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। प्रत्याशी ने निर्वाचन आयोग से मामले का संज्ञान लेकर कथित मौखिक जांच पर रोक लगाने, प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

