एआरटीओ पर कर्मचारियों को भी कपड़े उतारने का निर्देश देने का आरोप
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) में गुरुवार को वाहन रिलीज कराने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बलिया में ओवरलोडिंग के चालान के बाद अपने वाहन को छुड़ाने की प्रक्रिया में कथित देरी से नाराज भाजपा नेता अखिलेश तिवारी ने एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर कपड़े उतार दिए और प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान उनकी एआरटीओ सत्येंद्र यादव से तीखी नोकझोंक हो गई। आरोप है कि इसके बाद एआरटीओ ने भी कर्मचारियों को कपड़े उतारने का निर्देश दे दिया। इससे कार्यालय में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। जानकारी के अनुसार, अहिरौली थाना क्षेत्र के मिझौड़ा निवासी अखिलेश तिवारी के वाहन का दुर्घटना के बाद क्लेम प्रस्तावित है। इसी बीच बलिया के खनन अधिकारी ने उनके वाहन का ओवरलोडिंग के आरोप में चालान कर दिया। अखिलेश तिवारी का कहना है कि चालान की जुर्माना राशि जमा करने और वाहन रिलीज कराने की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए वह कई महीनों से एआरटीओ कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। उनका आरोप है कि कार्यालय में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने गुरुवार को कपड़े उतारकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान एआरटीओ सत्येंद्र यादव और अखिलेश तिवारी के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि एआरटीओ ने कर्मचारियों को भी कपड़े उतारने के लिए कह दिया। कर्मचारी इसके लिए तैयार होने लगे तो कार्यालय में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। बाद में एआरटीओ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। अखिलेश तिवारी ने आरोप लगाया कि उनका प्रदर्शन एआरटीओ कार्यालय में कथित अवैध वसूली और कामकाज में हीलाहवाली के विरोध में था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कपड़े उतारकर प्रदर्शन करने के बाद उनसे कहा गया कि अब उनका काम नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, कार्यालय के कर्मचारियों ने अखिलेश तिवारी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारियों को कपड़े उतारने का निर्देश दिए जाने पर एआरटीओ के रवैये की निंदा की। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने के बाद वाहन मालिक की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

