कहा चाहे भले ही जाना पड़े सुप्रीम कोर्ट जाएं पर...
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार से स्पेशल कंपोनेंट प्लान के धन से बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की मांग की है। मायावती ने जारी बयान में कहा कि सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, कन्नौज और जालौन में स्पेशल कंपोनेंट प्लान के धन से बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए 50 प्रतिशत सामान्य आरक्षण से अलग अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, यह व्यवस्था स्पेशल कंपोनेंट प्लान की उपयोगिता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था के पक्ष में न्यायालय में प्रभावी पैरवी की होती तो संभव है कि न्यायालय इस पर सकारात्मक विचार करता। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा इस व्यवस्था पर रोक लगाए जाने और मेडिकल दाखिले प्रभावित होने की स्थिति में यूपी सरकार को तत्काल सुप्रीम कोर्ट में आवश्यक राहत के लिए अपील करनी चाहिए। मायावती ने यूपीआई डिजिटल लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब लेनदेन पर शुल्क लगाने की व्यवस्था से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनके मुताबिक, 15 अक्टूबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था का असर अंततः आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। बसपा प्रमुख ने कहा कि देश की बड़ी आबादी गरीबी और महंगाई से प्रभावित है तथा बच्चों के सामने शिक्षा और रोजगार जैसी चुनौतियां हैं। ऐसे समय में सरकार की नीतियां लाभ कमाने वाली व्यावसायिक व्यवस्था की बजाय अधिक कल्याणकारी होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि स्मार्ट पढ़ाई से पहले स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने छत, बेंच-कुर्सी, किताबें, शौचालय, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं पर ध्यान देने की जरूरत बताई और सवाल उठाया कि प्रति स्कूल करीब दो लाख रुपये में ये व्यवस्थाएं कितनी पूरी हो पाएंगी।



