परिजनों ने पुलिस की गोली से शौर्य की मौत का लगाया आरोप, एसएसपी ने कहा- आरोपी की गोली से घायल हुआ था बच्चा
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई पांच मौतों के मामले में बुधवार को नया मोड़ सामने आया। आरोपी अरविंद सिंह के आठ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की मौत को लेकर परिवार और पुलिस के दावे अलग-अलग हैं। अरविंद की मां श्याम बली देवी और बहन साधना ने आरोप लगाया है कि शौर्य की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई। वहीं पुलिस का कहना है कि बच्चे को गोली अरविंद ने ही मारी थी और घायल शौर्य की इलाज के दौरान मौत हुई। मामले में शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना मंगलवार शाम उस समय हुई जब अरविंद सिंह के घर में कई दिनों से पूजा-अनुष्ठान चल रहा था। बताया गया कि परिवार की ओर से यह आयोजन कराया जा रहा था। शाम को बाजार से घर लौटने के बाद अरविंद का पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगने को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता तथा पंडित महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हो गई। फायरिंग के बाद अरविंद अपने बच्चों के साथ घर के अंदर एक कमरे में बंद हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई घंटे तक उसे समझाकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। बाद में घर के अंदर से फायरिंग होने के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार जवाबी फायरिंग में अरविंद को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के अनुसार, अरविंद की गोली से उसका बेटा शौर्य घायल हुआ था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरी ओर, आरोपी की मां और बहन ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पांच मौतों को लेकर अलग-अलग दावों के बीच अब पोस्टमार्टम और अन्य जांच से घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। बताया गया है कि अरविंद के बड़े भाई की भी कुछ वर्ष पहले हत्या हुई थी। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बीच घर में पूजा-अनुष्ठान कराया जा रहा था। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां घटना के कारणों तथा फायरिंग के पूरे क्रम की जांच कर रही हैं।


