संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले युवक के अपहरण के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सोमवार की भोर कांटे के पास से सांसद के पीए समेत चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत युवक विशाल को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने युवक की हत्या कर अयोध्या में सरयू नदी में फेंकने की योजना की बात बताई है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक 18 सितंबर की रात बखिरा क्षेत्र के लेडुआ-महुआ में गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान सांसद की गाड़ी एक युवक को टच होने के बाद विवाद हुआ था। इस दौरान सांसद की गाड़ी पर पथराव भी किया गया। मामले में सांसद की ओर से अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वहीं संतोषपुर निवासी विशाल पुत्र जेठू ने सांसद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को विशाल के भाई ओमप्रकाश कुमार ने उसके अपहरण की तहरीर दी। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव निवासी कदमा, सांसद के पीए धर्मेंद्र यादव निवासी बभनी, अशोक यादव निवासी परसोहिया बखिरा और जितेंद्र यादव निवासी हरिबंशपुर, कप्तानगंज, बस्ती के खिलाफ अपहरण व एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि युवक की बरामदगी के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया था। एसओ दिलीप सिंह और एसओजी प्रभारी रजनीश राय की संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से कांटे के पास अर्टिगा कार से विशाल को बरामद किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 42,620 रुपये, पांच मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त अर्टिगा कार, विशाल के हस्ताक्षरयुक्त व फोटोयुक्त शपथ पत्र, आवेदन पत्र और 15 आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि मुकदमे में नामजद किए जाने से नाराज आरोपी विशाल को सांसद के यहां ले गए थे, जहां उससे नोटरी शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद उसे अयोध्या ले जाकर हत्या करने की कथित योजना थी। पुलिस ने रास्ते में ही आरोपियों को पकड़ लिया।



