चीख सुनकर पहुंचे परिजन, अचेत अवस्था में अस्पताल ले गए
डेढ़ घंटे के उपचार के बाद मिली राहत, चिकित्सक ने झाड़-फूंक से बचने की दी सलाह
मेंहनगर (आजमगढ़)। तहसील क्षेत्र के सराय त्रिलोचन गांव में रविवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चारपाई पर बैठकर चाय पी रही महिला को पैर नीचे रखते ही सर्प ने डस लिया। सर्पदंश के बाद महिला अचेत हो गई। परिजन आनन-फानन में उसे खरिहानी बाजार स्थित आशीर्वाद क्लिनिक लेकर पहुंचे, जहां उपचार के बाद उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। जानकारी के अनुसार, सराय त्रिलोचन गांव निवासी श्रीमती राजकुमारी रविवार शाम करीब सात बजे चारपाई पर बैठकर चाय पी रही थीं। इसी दौरान जैसे ही उन्होंने अपना पैर जमीन पर रखा, वहां मौजूद गेहुअन सर्प (कोबरा) ने उनकी एड़ी से करीब दो इंच ऊपर डस लिया। सर्प के डसते ही राजकुमारी जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने सर्प को मारने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग निकला। इसी बीच महिला अचेत हो गईं। परिजन उन्हें तत्काल अचेत अवस्था में खरिहानी बाजार स्थित आशीर्वाद क्लिनिक ले गए। वहां सर्पदंश विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र पांडेय ने तत्काल उपचार शुरू किया। करीब डेढ़ घंटे के उपचार के बाद राजकुमारी की हालत में सुधार हुआ और उन्हें राहत मिली। चिकित्सक के अनुसार अब उनकी हालत खतरे से बाहर है। डॉ. नरेंद्र पांडेय ने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में घाव से ऊपर कपड़े या गमछे से उचित तरीके से बांधकर मरीज को बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। इसमें देरी होने पर मरीज की जान भी जा सकती है। सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय उपचार ही सबसे जरूरी है।




