विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया और रोजगारपरक शिक्षा की दी गई जानकारी
आजमगढ़। शिब्ली नेशनल कॉलेज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) अध्ययन केंद्र (48065) में सोमवार को विद्यार्थियों के शैक्षणिक मार्गदर्शन, कैरियर निर्माण और रोजगारपरक शिक्षा को लेकर स्वागत, मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. उपेन्द्र नाभ त्रिपाठी और सहायक निदेशक देव नारायण पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। अधिकारियों ने इग्नू की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से इग्नू की ओर से उपलब्ध शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. मोहम्मद खालिद ने की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उचित मार्गदर्शन और परामर्श की अहम भूमिका होती है। विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक लक्ष्यों के प्रति गंभीर रहते हुए उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करना चाहिए। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अफसर अली ने इग्नू अध्ययन केंद्र के माध्यम से उच्च शिक्षा के साथ रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ शिक्षा उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है, जो विभिन्न कारणों से नियमित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं। अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. मोहम्मद जाहिद ने साइबर विधि, मोबाइल एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग, पोषण, परामर्श, पत्रकारिता एवं जनसंचार, अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन, होटल प्रबंधन और कुक्कुट पालन समेत विभिन्न रोजगारपरक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और रोजगार के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मोहम्मद ताहिर ने किया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम चयन, सत्रीय कार्य, परीक्षा, अध्ययन सामग्री, कैरियर निर्माण और रोजगार से जुड़े सवाल पूछे। इग्नू अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।अंत में विद्यार्थियों ने मार्गदर्शन एवं परामर्श सत्र को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें उच्च शिक्षा, पाठ्यक्रम चयन और कैरियर निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली।




