आजमगढ़। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल और चाइल्ड केयर क्लिनिक से जुड़े तीन डॉक्टरों के खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही, गलत इंजेक्शन और दवाओं के प्रयोग के कारण नवजात की हालत बिगड़ गई, जिसके चलते बाद में उसका दाहिना हाथ काटना पड़ा। पुलिस ने पिता की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 125(ए), 125(बी) और 126(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित चन्द्रकेश यादव के अनुसार, उनकी पत्नी ने 14 जून 2026 को कप्तानगंज स्थित एक निजी क्लिनिक में बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के दो दिन बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन और दवाएं देने के साथ गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे बच्चे के दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण हो गया और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉक्टरों ने काफी समय तक बच्चे को आईसीयू में भर्ती रखकर परिजनों को उसकी वास्तविक स्थिति से अनभिज्ञ रखा तथा समय रहते किसी उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर नहीं किया। हालत अधिक गंभीर होने पर बच्चे को दूसरे अस्पताल और बाद में लखनऊ के एक बड़े अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने संक्रमण अधिक फैल जाने के कारण नवजात का हाथ काटने की आवश्यकता बताई। उपचार के बाद बच्चे की जान तो बच गई, लेकिन वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कप्तानगंज निवासी डॉ. कन्हैयालाल श्रीवास्तव, डॉ. संतोष अस्थाना और डॉ. मनीष पाण्डेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक गंगा राम को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



