शिकायतकर्ता ने आडियो-वीडियो साक्ष्य, शपथपत्र और दस्तावेज जिलाधिकारी को सौंपा, उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग
जांच अधिकारी पर बिना जांच रिपोर्ट लगाने और गलत दस्तावेज संलग्न करने का आरोप
आजमगढ़। जनपद के अजमतगढ़ विकासखंड के एक मामले में खंड शिक्षा अधिकारी पर लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप की जांच को लेकर शिकायतकर्ता ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के भरौली निवासी चन्द्रशेखर शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 17 जून 2026 को खंड शिक्षा अधिकारी अजमतगढ़ कुलदीप नारायण के खिलाफ एक लाख रुपये रिश्वत मांगने तथा रिश्वत देने से इनकार करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत 18 जून को आईजीआरएस पोर्टल पर पंजीकृत हुई और 19 जून को जांच के लिए खंड विकास अधिकारी अजमतगढ़ को भेजी गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी ने बिना निष्पक्ष जांच किए ही रिपोर्ट लगा दी। उन्होंने दावा किया कि जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जांच 17 जून को ही कर ली गई, जबकि शिकायत जांच अधिकारी को 19 जून को प्राप्त हुई थी। इसके अलावा रिपोर्ट में शिकायतकर्ता का लिखित बयान लेने का उल्लेख है, लेकिन उसकी प्रति संलग्न नहीं की गई। आरोप है कि उसकी जगह किसी अन्य प्रकरण से संबंधित लोगों के बयान रिपोर्ट के साथ संलग्न कर दिए गए। चन्द्रशेखर शर्मा ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्च अधिकारियों से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र के साथ आडियो-वीडियो साक्ष्यों की पेन ड्राइव, शपथपत्र, पूर्व में दिया गया शिकायती पत्र तथा आईजीआरएस पोर्टल पर उपलब्ध जांच आख्या भी संलग्न की है। शिकायतकर्ता ने मामले में निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
वहीं इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी अजमतगढ़ कुलदीप नारायण ने जांच अधिकारी द्वारा अपनाई गई जांच प्रक्रिया को सही बताया।




