48 घंटे में पुलिस ने दबोचा, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप
आजमगढ़। दीदारगंज थाना क्षेत्र में कथित फर्जी चिकित्सकीय उपचार और गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक महिला की मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज होने के 48 घंटे के भीतर आरोपी डॉक्टर और उसके कंपाउंडर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को पल्थी बाजार से गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत दीदारगंज पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार 4 जुलाई को मृतका के पति ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 3 जुलाई को उनकी पत्नी की अचानक तबीयत खराब होने पर वह गांव के एक निजी चिकित्सक के पास इलाज के लिए गए थे। आरोप है कि चिकित्सक ने स्वयं मौके पर जाने के बजाय अपने कंपाउंडर को दवा और इंजेक्शन देकर मरीज के पास भेजा। कंपाउंडर ने महिला को इंजेक्शन लगाया, जिसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए शाहगंज (जौनपुर) ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पीड़ित की तहरीर के आधार पर दीदारगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रज्जन कुमार द्विवेदी कर रहे थे। जांच के दौरान कंपाउंडर की सही पहचान नीरज कुमार प्रजापति के रूप में हुई। सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एवं क्षेत्राधिकारी फूलपुर के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी दीदारगंज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुकदमे से संबंधित दोनों वांछित आरोपियों को पल्थी बाजार (शाहगंज रोड तिराहा) से सुबह करीब 7:40 बजे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों के संबंध में जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अशोक कुमार मौर्य पुत्र संतराज मौर्य निवासी ग्राम नौहरा, थाना दीदारगंज तथा नीरज कुमार प्रजापति पुत्र नंदलाल प्रजापति निवासी ग्राम कैथौली, थाना दीदारगंज के रूप में हुई है।




