पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का लगाया आरोप, हंगामे के बीच स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने शुरू की जांच
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाना क्षेत्र स्थित शहनाज मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के पति का आरोप है कि उनकी पत्नी को गलत रक्त समूह का रक्त चढ़ा दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की पड़ताल की। थानाध्यक्ष मंतोष सिंह के अनुसार, अहरौला क्षेत्र निवासी ओमकार मौर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी पत्नी करिश्मा मौर्य को 15 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर शहनाज मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 16 जुलाई को डॉक्टरों की सलाह पर ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद करिश्मा ने एक बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने तत्काल रक्त चढ़ाने की आवश्यकता बताई। ओमकार का कहना है कि उनका और उनकी पत्नी दोनों का ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव था। उन्होंने स्वयं रक्त देने की इच्छा जताई, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने 8,000 रुपये देकर बाहर से रक्त की व्यवस्था की। आरोप है कि 16 जुलाई की रात करीब आठ बजे रक्त चढ़ाना शुरू किया गया और अगले दिन सुबह तक रक्त चढ़ाया जाता रहा। इसी दौरान करिश्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनका ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा। परिजनों का आरोप है कि बाद में दूसरे अस्पताल से बुलाए गए वरिष्ठ चिकित्सक ने जांच के दौरान बताया कि मरीज को दूसरे रक्त समूह का रक्त चढ़ा दिया गया है। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने बिना समुचित उपचार के करिश्मा को एंबुलेंस से दूसरे अस्पताल भेज दिया। परिजनों के अनुसार, अस्पताल से करीब 500 मीटर आगे बढ़ते ही करिश्मा के मुंह से झाग और खून निकलने लगा तथा कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि अस्पताल का प्रबंधक, चिकित्सक और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल में जांच करते हुए चिकित्सकों से पूछताछ की। वहीं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



