दुष्कर्म मामले की सुनवाई में बार-बार अनुपस्थित रहने वाले तत्कालीन विवेचक के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने अपनाया सख्त रुख
बलिया। नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी के मामले की सुनवाई के दौरान गवाही के लिए बार-बार अनुपस्थित रहने वाले तत्कालीन विवेचक के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट प्रथम कांत की अदालत ने आजमगढ़ के डीआईजी को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मामला दुबहड़ थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2021 में पीड़िता की तहरीर पर आरोपी पीयूष पाठक के विरुद्ध दुष्कर्म, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले के तत्कालीन विवेचक एसआई अखिलेश यादव वर्तमान में आजमगढ़ के कंधरापुर स्थित रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात हैं। अदालत के अनुसार, एसआई अखिलेश यादव को गवाही के लिए कई बार तलब किया गया। उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस, गिरफ्तारी वारंट जारी करने तथा वेतन रोकने तक के आदेश भी पारित किए गए, लेकिन इसके बावजूद वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए और न ही अनुपस्थिति का कोई प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इस पर नाराजगी जताते हुए विशेष न्यायाधीश ने आजमगढ़ के डीआईजी सुनील कुमार सिंह को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के मामले में उनके विरुद्ध धारा 29 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।





