निराधार, निष्पक्ष जांच की किया मांग, फर्म ने मुख्य कोषाधिकारी को दिया स्पष्टीकरण
कहा- GEM पर अनुबंध होने के बावजूद नहीं जारी हुआ वर्क ऑर्डर
आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज के आउटसोर्स कर्मचारियों की भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) की कटौती की धनराशि जमा न करने तथा कथित घोटाले के आरोपों पर मेसर्स चन्द्रा कन्स्ट्रक्शन एण्ड जनरल सप्लायर्स ने मुख्य कोषाधिकारी को विस्तृत स्पष्टीकरण सौंपते हुए आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया है। फर्म की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पिछले वर्ष GEM पोर्टल के माध्यम से निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई थी, जिसमें कई फर्मों ने भाग लिया था। सक्षम निविदा समिति द्वारा अभिलेखों की जांच और मूल्यांकन के बाद उनकी फर्म का चयन किया गया, जिसे सक्षम प्राधिकारी और जिलाधिकारी ने भी अनुमोदित किया था। फर्म का दावा है कि GEM पोर्टल पर अनुबंध जनरेट होने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया। ऐसे में जिस टेंडर का वास्तविक क्रियान्वयन ही नहीं हुआ, उससे संबंधित EPF और ESI धनराशि जमा न करने अथवा वित्तीय अनियमितता के आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं। स्पष्टीकरण में यह भी कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में GEM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त अनुबंध के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का EPF और ESI नियमित रूप से जमा किया जा रहा है। फर्म ने जांच के दौरान सभी चालान, रिटर्न और संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने की बात कही है। फर्म ने विभाग पर भी कई देय भुगतानों को लंबित रखने का आरोप लगाया है। उसके अनुसार ESI मद की धनराशि और EPF पर देय सेवा शुल्क का भुगतान अनुबंध की शर्तों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है, जबकि इस संबंध में कई बार अधिकारियों को पत्राचार कर अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा फर्म ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की सूची में हर माह एकतरफा बदलाव किए जाते हैं, जिसमें पुराने कर्मचारियों के नाम हटाकर नए नाम जोड़े जाते हैं। यह प्रक्रिया सेवा प्रदाता की जानकारी और सहमति के बिना की जाती है, जिससे उत्पन्न विसंगतियों का उत्तरदायित्व अनुचित रूप से फर्म पर डाला जाता है। मुख्य कोषाधिकारी को दिए गए पत्र में फर्म ने मांग की है कि जांच के दौरान GEM पोर्टल पर अनुबंध होने के बावजूद वर्क ऑर्डर जारी न किए जाने, विभागीय भुगतानों के लंबित रहने तथा कर्मचारियों की सूची में किए गए परिवर्तनों की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। फर्म ने विश्वास जताया है कि पारदर्शी और तथ्यपरक जांच में उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार साबित होंगे।
