कहा, गांव-गांव जाकर जनता को बताएंगे आरक्षण लूट की हकीकत, 2027 में बदलाव का किया आह्वान
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के आरक्षण अधिकारों में कटौती करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को पार्टी कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। सपा नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में हुई भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था का उल्लंघन किया गया है और आरक्षित वर्ग के हजारों पद सामान्य वर्ग को दे दिए गए हैं। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा जारी पीडीए आरक्षण घोटाला पुस्तक में यह उल्लेख किया गया है कि 22 विभागों में हुई 93,809 नियुक्तियों में 11,514 पदों का आरक्षण प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद से पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों को लगातार कमजोर किया जा रहा है। सपा नेताओं ने कहा कि संविधान निर्माता बीआर अम्बेडकर द्वारा सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार उस व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के मुद्दों को भी उठाते हुए कहा कि सरकार रोजगार के अवसर घटा रही है तथा समूह ग और घ की नौकरियों में आउटसोर्सिंग को बढ़ावा देकर गरीबों, पिछड़ों और दलितों को नियमित रोजगार से वंचित किया जा रहा है। सपा नेताओं ने घोषणा की कि पार्टी के विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर आरक्षण से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों के बारे में जनता को जागरूक करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दे पर फैसला करेगी। प्रेस वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, एमएलसी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली, विधायक डॉ. संग्राम यादव, नफीस अहमद, डॉ. एम. सिंह पटेल, जयराम सिंह पटेल, अजीत कुमार राव, लल्लन चौहान, बबीता चौहान, देवनाथ साहू, कुणाल मौर्य, जी.एस. प्रियदर्शी, संतोष कुमार गौतम, विवेक सिंह, विनीत राय, दिनेश विश्वकर्मा, अभिषेक यादव, पप्पू यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।





