आजमगढ़ : एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त गिरफ्तार

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10 साल बाद शिकंजे में आए आजमगढ़ जेल से फरार दो इनामी बंदी

2016 में जिला कारागार से हुए थे फरार, पंजाब में छिपकर कर रहे थे मजदूरी
आजमगढ़। वर्ष 2016 में जिला कारागार आजमगढ़ से फरार हुए दो इनामी बंदियों को एसटीएफ लखनऊ और थाना सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों अभियुक्तों पर शासन द्वारा एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार 18 अगस्त 2016 को जिला कारागार आजमगढ़ से तीन विचाराधीन बंदी फरार हो गए थे। इस संबंध में थाना सिधारी में मुकदमा संख्या 157/2016 धारा 223/224 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया, लेकिन अभियुक्त लगातार फरार चल रहे थे। बुधवार को एसटीएफ लखनऊ एवं थाना सिधारी पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक सूचना के आधार पर चन्द्रशेखर उर्फ शेखर पुत्र स्व. लालजी मुसहर तथा प्रकाश मुसहर पुत्र बुद्धन मुसहर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी पर एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार घोषित था। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे वर्ष 2016 में अपने एक साथी के साथ जिला कारागार से फरार हो गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे विभिन्न स्थानों पर छिपते रहे और लंबे समय से पंजाब में रहकर मजदूरी एवं खेती का कार्य कर रहे थे। कई वर्षों तक फरार रहने के बाद वे गाजीपुर जाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार चन्द्रशेखर उर्फ शेखर मूल रूप से वाराणसी जनपद के चोलापुर थाना क्षेत्र के लस्करपुर गांव का निवासी है, जबकि वर्तमान में गाजीपुर के गहमर थाना क्षेत्र में रह रहा था। वहीं प्रकाश मुसहर गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के दुर्खुसी गांव का निवासी है। इस कार्रवाई में एसटीएफ लखनऊ के निरीक्षक आशुतोष कुमार त्रिपाठी, निरीक्षक ओम शंकर शुक्ला सहित अन्य पुलिसकर्मी तथा थाना सिधारी के निरीक्षक शशिचन्द्र चौधरी, उपनिरीक्षक जावेद सिद्दीकी एवं पुलिस टीम शामिल रही।

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